कदौरा। ब्लॉक की ग्राम पंचायत तिरही में चकरोड बनाने के नाम पर 7.65 लाख रुपये के भुगतान का फर्जीवाड़ा सामने आया है। आठ माह से अधिक समय बीतने के बाद भी जांच पूरी नहीं हो सकी है।
गांव के संतोष आदि ने ग्राम प्रधान शिवराम पाल और अन्य अधिकारियों पर फर्जी भुगतान का आरोप लगा कर सीएम पोर्टल पर की थी। इसमें बताया कि ग्राम पंचायत तिरही में सीताराम के खेत से केयर नाला तक चकरोड का काम करना दिखाकर 2020-21 में 7.65 लाख रुपये से अधिक निकाल लिए गए थे। शिकायत पर इसकी जांच एसडीएम कालपी से भी की गई थी। एसडीएम अभिषेक कुमार ने इसकी जांच बीडीओ कदौरा को दी। डीएम ने तीन सदस्यीय टीम भी गठित की। डीडीओ ने 22 फरवरी को समस्त रिकार्ड तलब किए थे। लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। प्रधान शिवराम पाल ने कहा कि अधिकारियों ने संबंधित काम के कागज मांगे तो जो उनको सौंप दिए गए हैं।
प्रभारी बीडीओ अजय गुप्ता ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में निर्माण हुआ है। जांच टीम को रिकॉर्ड सौंपे हैं।
मृतक को बना दिया था मनरेगा मजदूर
ब्लॉक क्षेत्र के तिरही गांव में जिम्मेदारों ने अशोक के खेत से सुरौला दाढ़े तक चकरोड के निर्माण में छह वर्ष पहले मर चुके संतोष के नाम पर 11 और 24 फरवरी 2022 को दो किस्तों में 14 दिन की मजदूरी निकाली गई थी। जिसकी शिकायत गांव के पवन कुमार ने डीएम से की थी। डीएम ने जांच के आदेश दिए थे। आनन-फानन में अधिकारियों ने तत्कालीन एपीओ असित रंजन कटियार और कंप्यूटर ऑपरेटर आदित्य प्रकाश को नोटिस देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।