उरई/नदीगांव। झमाझम बारिश से जिले में कई स्थानों पर कच्चे घर गिर गए। नदीगांव क्षेत्र के लोहई गांव में दीवार गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई, उसकी बड़ी बहन घायल हो गई। उरई में दीवार गिरने से एक महिला घायल हो गई।
नदीगांव थाना क्षेत्र के लोहई गांव निवासी ब्रजेंद्र सिंह के घर की दीवारें बुधवार की दोपहर गिर गईं। मलबे में दबने से
पुत्री नव्या (11) और शुभ (07) गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से घायलों को सीएचसी पहुंचाया। जहां डाक्टर ने शुभ को मृत घोषित कर दिया है। नव्या को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। बच्चे की मौत से मां भारती सहित अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
उरई में शहर कोतवाली क्षेत्र के बोहदपुरा गांव में खरूसा (53) पत्नी गोविंदे बुधवार को दीवार गिरने से दब गईं। उधर कोटरा में मोहल्ला गणेशगंज निवासी प्रमोद अग्रवाल, मुन्ना, बबलू यादव और गांधी नगर निवासी संजू अहिरवार, तलापुरा निवासी गालिब मिर्जा के मकान गिर गए। माधौगढ़ क्षेत्र के धमना निवासी किसान मालती देवी और तेजबहादुर सिंह का कच्चा मकान गिर गया।
माधौगढ़ क्षेत्र के ही सिहारी निवासी किसान शिव बहादुर सिंह का मकान गिर गया। उधर, इकौना गांव में वीरसिंह, रामखिलावन, रामबली, गोविंद, गोरेलाल, महावीर, रामसेवक आदि के कच्चे मकान गिर गए। उधर, कालपी के कागजीपुरा निवासी हारून रजा के घर का दीवार गिर गई कोई हताहत नहीं हुआ।
कोंच संवाद के अनुसार- कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पचीपुरी निवासी ओमजी के ऊपर दीवार गिर पड़ी। मलबे में दबकर वह गंभीर रूप से घायल हो गया। एक अन्य घटना में जितेंद्र कुमार का पुराना मकान बारिश के पानी में गिर गया जिससे उसका कीमती सामान मलबे के नीचे आकर नष्ट हो गया। उधर, नगर के मोहल्ला आजाद नगर में भी गौरीशंकर का कच्चा मकान गिर गया।
बारिश से घरों में घुसा पानी, बढ़ी परेशानी
शहर के मोहल्ला शांति नगर में कई मकानों में घुसा पानी
उरई। कई दिन से हो रही बारिश से शहर के बीच से निकले गंदे नाले में पानी बढ़ गया है। जिससे शहर के मोहल्ला शांतिनगर में नाले के पानी से आसपास के घरों में पानी भर गया है।
बुधवार की सुबह मोहल्ले के कई घर पानी की चपेट में आ गए हैं। जिससे इन घरों में रहने वाले लोग घर छोड़कर आसपास रहने को मजबूर हैं। मोहल्ले के सोनू इमिलिया, शिवनारायण, मानवेंद्र, रेखारानी, कपूरी, नरेंद्र गौतम, प्रताप, विनय कुमार, कमलेश, रामपाल, भूप सिंह आदि का कहना है कि 16 सितंबर से हो रही बारिश से प्रतिदिन पानी बढ़ रहा है। जिसके चलते उनके मकानों में पानी भर गया है। जानकारी होने के बाद भी अभी तक किसी अधिकारी व जनप्रतिनिधि ने समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है। जिससे वह लोग खाने पीने व बिजली पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। व बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। पीड़ितों ने प्रशासन से मांग की है कि इनकी मदद कराई जाए।
कोंच। लगातार हो रही बारिश के चलते बरसाती नाले उफना गए हैं। कई पेड़ गिरने से आवागमन भी बाधित रहा।
तेज हवाओं के साथ हो रही इस बारिश ने कई पुराने पेड़ धराशायी हो गए हैं, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पंचानन के आगे लौना रोड पर सैयद के स्थान के पास गिरे पेड़ ने रोड जाम कर दिया है। महेशपुरा रोड पर पानी आ जाने से आम यातायात अवरुद्ध हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले दूधियों के कोंच नहीं पहुंच पाने के कारण बुधवार को दूध की आपूर्ति अधिकांश घरों में नहीं हो सकी। स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है। खंड विकास कार्यालय और वन विभाग कार्यालय में घुटनों तक पानी भर गया। पानी को पंपिंग सेट से निकाला जा रहा है।
कालपी/कदौरा/एट। लगातार बारिश के चलते कालपी, कदौरा और एट कस्बों में जलभराव हो गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कस्बे में नाला सफाई न होने की वजह से मोहल्ला रामचबूतरा, उदनपुरा, नई बस्ती, रावगंज, कागजीपुरा, टंकी मोहल्ला, भट्टीपुरा आदि मोहल्लों में जलभराव हो गया। मोहल्ला राजेपुरा में घरों में पानी भर गया।
उधर कदौरा में भी पानी घरों और दुकानों में घुस गया। नगर के मुख्य बाजार, सब्जी मंडी, बेरी रोड, रामलीला मैदान,मेला ग्राउंड सहित गाड़ीखाना, सिद्धार्थनगर व्यासपुरा में भीषण जल भराव हो गया। प्रभारी ईओ राधा बल्लभ चतुर्वेदी ने कहा कि हाइवे की ऊंचाई और बारिश अधिक होने से जलभराव हुआ। एट में प्राथमिक कन्या पाठशाला में जलभराव हो गया। स्कूल की छुट्टी कर दी गई।
इकौना पुल डूबा, छह घंटे फंसे रहे शिक्षक और बच्चे
कदौरा। तेज बारिश से ब्लॉक क्षेत्र के इकौना गांव का पुल डूब गया। पुल के ऊपर डेढ़ से दो मीटर पानी बहने से आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया। शिक्षक और बच्चे दोनों फंस गए।। शिक्षक सत्यपाल ने बताया की सुबह के सम पानी कम था। इसलिए वह व अन्य शिक्षक विद्यालय आ गए थे। एक बजे पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। पांच घंटे से यही फंसे हुए हैं। गांव के अखलेश निषाद ने बताया की गांव से तकरीबन 30 बच्चे कदौरा पढ़ने जाते हैं। वो भी लोदीपुर गांव के पास बस में फंसे खड़े हैं।