जिला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की बैठक में जिलाधिकारी के तेवर तल्ख रहे। उन्होंने पहले दवा की उपलब्धता के मामले में सीएमओ व सीएमएस को फटकार लगाई। इसके बाद मिशन इंद्र धनुष की समीक्षा की तो उसमें नदीगांव व जालौन की खराब प्रगति पर नाराजगी जताई और फिर प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की। आयुर्वेदिक के सीएमओ डा.
डीके जैन बैठक में मौजूद नहीं थे। इस पर उनका वेतने रोके जाने के साथ स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। एमओआईसी को निर्देश दिए कि उन्हें तहसील दिवस में मौजूद रहने की जरूरत नहीं है। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई। इसमें डीएम रामगणेश ने बिंदुवार प्रस्तुत प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा की। वर्ष 2015-16 का आय व्यय भी प्रस्तुत किया गया।
गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, प्रसव एवं भुगतान संबधी सूचना, प्रसव परिणाम, टीकाकरण कार्यक्रम के अलावा अन्य योजनाओं पर काम कर प्रगति रिपोर्ट दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। बताया कि महिला सम्मान कोष की स्थापना प्रदेश सरकार की ओर से की गई है। जिसके माध्यम से उत्पीड़ित महिलाओं को सहायता राशि स्वीकृत की जाएगी। बताया कि जिला
अस्पताल में एनआरसी प्रारंभ कराई गई है। इसमें कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों को भर्ती कर उनका इलाज कराया जाएगा। डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह अपने दायित्वों के प्रति सजग रहें। इस दौरान मिशन इंद्रधनुष की तीन माह की रिपोर्ट में धीमी प्रगति पर नदीगांव व जालौन के एमओआईसी पर विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की।
आयुर्वेदिक के सीएमओ डॉ. डीके जैन वेतन रोकने और स्पष्टीकरण के आदेश दिए हैं। बैठक में सीडीओ एसपी सिंह, सीएमओ डॉ. आशाराम, सिटी मजिस्ट्रेट पीके सक्सेना, सीएमएस वीवी आर्या, महिला सीएमएस डॉ. सुनीता बनौधा, डा. सुग्रीव बाबू, डा. धर्मेंद्र, डा. सत्यप्रकाश, डा. प्रेमप्रकाश, डा. तपस्य के अलावा रेडक्रास सचिव अभय द्विवेदी, अलका नायक के अलावा सीएचसी, पीएससी के एमओआईसी मौजूद रहे।