लंबित मांगों को लेकर शिक्षकों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बीएसए प्रांगण में अधिकारों व मांगों को लेकर संघर्षरत शिक्षकों के अलग-अलग गुटों ने धरना देकर प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने मांगों को लेकर नारेबाजी भी की। कमाल की बात तो यह है कि इस दौरान शिक्षक अपने हकों को लेकर आयोजित धरना प्रदर्शन में गुटबाजी करते देखे गए।
इतना ही नहीं आयोजित धरना प्रदर्शन में दोनों गुटों के नेता आमने, सामने ही अपने अपने फट्टे बिछाए रहे। धरना प्रदर्शन में भी गुटबाजी के चलते कुछेक शिक्षक दुविधा में रहे।
बुधवार को विभिन्न मांगों को लेकर बीएसए प्रांगण में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों का धरना प्रदर्शन सुबह 11 बजे शुरू हुआ। दस सूत्री मांगों को लेकर धरना
प्रदर्शन में नारेबाजी की गई। अध्यक्ष ठाकुर दास यादव ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन ऐसे शिक्षक जिनकी नियुक्ति एक अप्रैल 2005 के बाद हुई है, सभी को पेंशन से आच्छादित किया जाए। 7 दिसंबर को पुलिस द्वारा लाठीचार्ज में एक शिक्षक रामाशीष सिंह की हत्या कर दी गई, इनके दो आश्रितों को सरकारी नौकरी मुआवजा एवं दोषियों पर कार्रवाई
की जाए। धरना प्रदर्शन के बाद ज्ञापन भी सौंपा गया। इस मौके पर आलोक श्रीवास्तव, ज्योति सोनी, कन्या कुमारी, स्वयंप्रभा दुबे, कल्पना, व्यंजना सिंह, मनोज मिश्रा, सुशील गुप्ता, रामकृपाल आदि मौजूद रहे। बीएसए प्रांगण में दूसरी ओर महेंद्र सिंह भाटिया गुट ने भी धरना प्रदर्शन आयोजित किया। धरना प्रदर्शन में मांगों को लेकर शिक्षकों ने नारेबाजी की। धरना
प्रदर्शन में अध्यक्ष महेंद्र सिंह भाटिया ने कहा कि वह शिक्षकों की मांगों को लेकर प्रयासरत हैं। हर हाल में शिक्षकों की मांगों का समाधान कराया जाएगा, चाहे इसके लिए उग्र आंदोलन ही
क्यों न करना पडे़। इस दौरान शिक्षक नेताओं ने उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की पेंशन की मांग उठाई। कोषाध्यक्ष दिनेश नामदेव, संजय दुबे, ब्रजेंद्र राजपूत, नरेश निरंजन, राजेश शुक्ला, अनुराग मिश्रा, लालजी पाठक, देवेंद्र आदि मौजूद रहे।