मुहम्मदाबाद (जालौन)। कुसमिलिया गांव में चार दिवसीय दंगल और मेले का शुभारंभ सदर एसडीएम नेहा ब्याडवाल ने महिला पहलवानों के हाथ मिलाकर किया। दंगल में पहले दिन दो दर्जन से अधिक कुश्तियां हुईं। जिसमें पहलवानों ने दांव, कलाजंग, जांघिया, टंगी (ईरानी), सांड़ीतोड़ व बगलडूब आदि दांवपेंच से दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
डकोर ब्लॉक के कुसमिलिया में चार सौ वर्ष पुराने चार दिवसीय दंगल का सोमवार को शुभारंभ हो गया। सबसे बड़ी कुश्ती पांच हजार की हुई, जिसमें दिल्ली की बलजीत कौर ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद हिमाचल प्रदेश की बंटी पहलवान को पटकनी दी। इसके बाद सातारा पहलवान भारत व तारपुरा पहलवान लोकेंद्र के बीच 15 मिनट तक चली तीन हजार की कुश्ती बराबरी पर छूटीं।
इसके बाद हरियाणा के पहलवान रोहित व दिल्ली के पहलवान ब्रह्मचारी के बीच मुकाबला हुआ। इसमें दोनों एक-दूसरे को पटकनी देते नजर आए। यह कुश्ती चार हजार की थी। जिसमें हरियाणा के पहलवान रोहित ने दिल्ली के पहलवान को पटकनी दी। डिकोली पहलवान खेमराज व उन्नाव के पहलवान मस्तक के बीच हुई कुश्ती में 15 मिनट तक दर्शकों ने आनंद लिया। इसमें डिकोली पहलवान खेमराज ने उन्नाव के पहलवान मस्तक को चित कर दिया।
चार हजार की कुश्ती जम्मू कश्मीर के पहलवान मोनू व हरियाणा पहलवान मंटू के बीच हुई। इसमें हरियाणा के पहलवान मंटू ने जम्मू कश्मीर के पहलवान मोनू को धूल चटा दी। इसके बाद रोमांचक अयोध्या के पहलवान बाबा बजरंगी व पहलवान विकास मथुरा के बीच पांच हजार की कुश्ती हुई, जो बराबरी पर छूटी।
इसी तरह सोमवार को कुल तीस कुश्तियां हुईं। रेफरी की भूमिका सतीश राजपूत, भूरा पहलवान जराखर ने निभाई। निर्णायक मंडल नारायण दास राजपूत, कंचन सिह, वीरेंद्र राजपूत, बृजलाल, शैलेंद्र, सुरेश राजपूत, देवेंद्र, अरविंद, संदीप, दिलीप, ग्यासी, रामजी, नेपाल सिंह, दिवाकर, शिल्पी आदि मौजूद रहे। संचालन बुंदेलखंड केसरी संदीप राणा ने किया।