केंद्र सरकार योग को स्कूलों में एक विषय के रूप में लागू कराने पर विचार कर रही है। बनाई जा रही नई शिक्षा नीति में भी इस पर जोर दिया जा रहा है। नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट बनकर तैयार हो चुका है। अगले सत्र में इस नीति को देश भर के विद्यालयों में लागू करने की योजना है। यह जानकारी उरई में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने दी।
केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नई शिक्षा नीति को लेकर केंद्र सरकार काफी गंभीर है। इसमें ना केवल योग बल्कि स्किल डेवलपमेंट पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई स्टार्ट अप और मुद्रा योजनाओं के क्रियान्वयन के बाद देश मेें स्किल्ड लोगों की मांग आने वाले दिनों में लाखों में होगी।
ऐसे में स्कूली स्तर पर स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देेने की योजना है। उन्होंने कहा कि इन सभी बिंदुओं को लेकर और शिक्षा में नैतिक शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति का मसौदा तैयार कर लिया है। एक्सपर्ट से भी राय ली गई है। अब इसकी ड्राफ्टिंग शुरू कर दी गई है।
बिहार में टॉपर घोटाले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से न केवल राज्य की शिक्षा नीति बल्कि यहां के छात्र-छात्राओं का भविष्य भी अंधेरे में चला जाता है। उन्होंने स्कूलों में हर वर्ष पाठ्यक्रम बदले जाने पर भी चिंता व्यक्त की।
बिहार में जंगल राज- केंद्रीय मंत्री
बिहार में पिछले विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय लोक समता पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजेक्ट किए जा चुके केंद्रीय राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि बिहार में इन दिनोें जंगलराज है। उन्होंने कहा कि बिहार में लालू के राज में जितनी गुंडागर्दी, हत्याएं, बलात्कार, अपहरण और लूट होती थीं, उससे भी ज्यादा घटनाएं इन दिनों बिहार मेें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए सीधे तौर पर बिहार के मुख्यमंत्री ही जिम्मेदार हैं।
उन्होंने कहा कि नितीश की कथनी करनी में बड़ा अंतर है। पहले वे बिहार में गांव-गांव में शराब की दुकानें खुलवाते हैं और फिर उन्हें बंद करवा देते हैं। हालांकि बिहार में शराब बंदी के परिणाम अच्छे आए हैं, इसके बावजूद हजारों लोग बेरोजगार भी हुए। यह नितीश की अदूर्रदर्शिता और तुगलकी मनोवृत्ति को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नितीश को आज बिहार की जनता समझ चुकी है।
मंत्री मंडल बदलना प्रधानमंत्री का निजी निर्णय
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के एचआरडी मिनिस्ट्री से कपड़ा मंत्रालय मेें स्थानांतरण के सवाल पर केंद्रीय राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का निजी फैसला है। इसका मतलब यह नहीं है कि वहां किसी का काम ठीक न होने पर उन्होंने यह फैसला लिया। प्रधानमंत्री ने दूसरी पंक्ति के योग्य लोगों को भी मौका दिया है। इससे मंत्रालयों के कामकाज में और भी बेहतर परिणाम देखने को मिलेगा।