जिला बेसिक शिक्षाधिकारी के निरीक्षण में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत सामने आ गई। बुधवार को किए गए निरीक्षण में 10 स्कूल चेक किए गए। इसमें से गोराभूपका स्थित उच्चतर प्राथमिक विघालय में कुछ भी अच्छा नहीं मिला। इस पर वहां के पूरे स्टाफ के वेतन आहरण पर रोक लगा दी गई। इसके अलावा स्पष्टीकरण तलब किया है। बीएसए ने प्रधान अध्यापकों
को जरूरी दिशा निर्देश दिए है। बुधवार को बेसिक शिक्षाधिकारी प्रदीप कुमार पांडेय जब गोराभूपका स्थित उच्चतर माध्यमिक स्कूल पहुंचे तो वहां की व्यवस्थाओं को देखकर दंग रह गए। बीएसए को वहां पर अनुचर तो उपस्थित मिला लेकिन अध्यापक गैरहाजिर थे। इसके अलावा छात्र-छात्राएं भी नहीं थी। खबर पाकर प्रधान अध्यापक स्कूल आए। अभिलेख मांगने
पर एक भी अभिलेख नहीं दिखाया गया। बीएसए ने प्रधानाध्यापक समेत वहां के सहायक अध्यापकों पर कार्रवाई करते हुए वेतन रोकने के निर्देश देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है। कन्या प्राथमिक स्कूल गोराभूपका में परिसर साफ नहीं मिला। इसके अलावा वहां की कक्षों में भी गंदगी थी। इतना ही नहीं छात्र छात्राओं को दूध नहीं दिया गया। एमडीएम भी मैन्यू के
मुताबिक नहीं था। यहां के प्रधानाध्यापिका से स्पष्टीकरण तलब किया है। राजपुरा प्राथमिक स्कूल की एक सहायक अध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है। इसके अलावा वहां के स्टाफ को कड़ी फटकार लगाते हुए शिक्षण कार्य को बेहतर करने के निर्देश दिए। इसके अलावा कुकरगांव प्राथमिक व उच्छ प्राथमिक स्कूल में व्यवस्थाएं ठीक मिली। प्राथमिक स्कूल सहाव,
जैतपुरा, उच्च प्राथमिक स्कूल जैतपुरा, राजपुरा व कन्या प्राथमिक कुकरगांव में व्यवस्थाएं दुरुस्त मिली। इसमें से एक दो स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम मिली इस पर वहां के शिक्षकों को उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए।