उरई। खाद की किल्लत को खत्म करने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निर्णय किया है। जिलाधिकारी डा. मन्नान अख्तर ने जिम्मेदार अधिकारियों को चेतावनी दी, जिस क्षेत्र में कालाबाजारी की शिकायत मिली तो दुकानदार के साथ-साथ वहां के जिम्मेदार अफसर पर कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव बताया कि उर्वरक वितरण की पारदर्शी एवं प्रभावी व्यवस्था लागू कर दी है। जिसमें अब किसानों को खाद की किल्लत से नहीं जूझना पड़ेगा। उन्होंने खाद बिक्री के लिए गठित टीम के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि जमाखोरी, कालाबाजारी, अधिक दामों पर बिक्री पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जाए और प्रतिदिन दुकानों का निरीक्षण कर रिपोर्ट दी जाए। उन्होंने विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित उर्वरक विक्रेताओं के विरुद्व उर्वरक अधिनियम 1985 के तहत विधिसंगत कार्रवाई की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारी सुनिश्चित करें कि उर्वरक बिक्री केंद्रों पर बिक्री रजिस्टर आवश्यक रूप से हो, जिसमें किसान का पूरा विवरण लिखा हो।
जबरन नहीं बिक सकेंगे अन्य उत्पाद
अधिकतर देखा गया है कि जब भी खाद की किल्लत होती है वैसे ही विक्रेता खाद के साथ कई अन्य कृषि उत्पादों को जबरन किसानों पर थोप देते हैं। जिससे न चाहते हुए भी किसानों को अन्य उत्पादों को खरीदना पड़ता था। कृषि उप निर्देशक आरके तिवारी ने बताया कि अब कोई भी विक्रेता अगर ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पीओएस मशीन व स्टाक का होगा सत्यापन
कृषि अधिकारी अमर सिंह ने बताया कि नई गाइड लाइन के तहत उर्वरकों की कैशलेस बिक्री को बढ़ावा देने के लिए क्यूआर कोड की व्यवस्था समस्त फुटकर उर्वरक विक्रेताओं द्वारा अपने प्रतिष्ठानों पर एक माह के अंदर स्वयं करनी होगी। थोक उर्वरक विक्रेताओं की 48 घंटे तथा फुटकर उर्वरक विक्रेताओं की तीन दिन के अंतर में पीओएस मशीन के माध्यम से भौतिक स्टाक एवं पीओएस मशीन से स्टाक में मिलान किया जाएगा।
बिना आधार नंबर के नहीं मिलेगी खाद
सीडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि अब खाद लेने के लिए किसानों के आधार नंबर को अनिवार्य कर दिया गया है। किसानों को आधार संख्या के बाद ही उर्वरक वितरण किया जाएगा। यदि किसी किसान के पास आधार कार्ड नहीं है तो विशेष परिस्थिति में अन्य पहचान पत्र का प्रयोग कर खाद तो मिल सकेगी, लेकिन दुकानदार को किसानों का पूरा विवरण रखेगा। जिसमें किसान का नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर पोर्टल पर सही सही अंकित किया जाएगा। जिससे जिला प्रशासन सत्यापन करा सके।
प्रति एकड़ के हिसाब से मिलेगी खाद
उर्वरक की बिक्री में कैशलेस व्यवस्था को सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। एआर सहकारिता ने बताया कि फसलों में उर्वरकों का उपयोग प्रति एकड़ गेहूं में 85 किग्रा यूरिया और 52 किग्रा डीएपी, धान में 85 किग्रा यूरिया और 52 किग्रा डीएपी, दलहनी फसल में 14 किग्रा यूरिया और 44 किग्रा डीएपी, ज्वार में 56 किग्रा यूरिया और 35 किग्रा डीएपी, राई में 90 किग्रा यूरिया और 35 किग्रा, डीएपी तथा अलसी में 21 किग्रा यूरिया और 13 किग्रा डीएपी का प्रयोग किया जा रहा हैं।
अफसरों ने चेक किए स्टाक और रजिस्टर
ऊमरी। एसडीएम सालिकराम और भूमि संरक्षण अधिकारी शहाबुद्दीन सिद्दीकी ने गुरुवार को क्षेत्र स्थित खाद की दुकानों का निरीक्षण किया। दुकानों के रजिस्टर और स्टाक चेक किए और दुकानदारों को निर्देश दिया कि कहीं भी कालाबाजारी की कोई शिकायत आई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जय मां जालौनी देवी खाद भंडार में यूरिया का भरपूर स्टाक मिला। दुकानदार को निर्देश दिया गया कि किसी भी तरह की घटतौली नहीं होनी चाहिए। इसके बाद अधिकारी सहकारी समिति पहुंचे और वहां पर डीएपी का स्टाक चेक किया। अधिकारियों के औचक निरीक्षण को देख कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों में हड़कंप मचा रहा, कुछ तो शटर गिराकर इधर-उधर हो गए।