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Jalaun News: हर स्वांस में हो सुमिरन तेरा, यूं ही बीत जाए जीवन मेरा...

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कोंच। कस्बे के रामलला मंदिर में श्रावण तीज से प्रारंभ हुए झूला महोत्सव के सातवें दिन शनिवार रात संगीत के सुरों से रिझाया। महंत रघुनाथदास के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में शनिवार रात शास्त्रीय संगीत पर गवैयों ने तानें छेड़ीं। संगीत मर्मज्ञ अपूर्व याज्ञिक ने राजत रघुवीर धीर, भजन भव भीर पीर... प्रस्तुति दी। ग्यासीलाल याज्ञिक ने वन-वन ढूंढन जाऊं... व कैसी निकसी चांदनी... की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मुग्ध कर दिया।
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रामप्रकाश दीक्षित ने गाया, शुभ दिन आने लगे, सावन में झूला झूलत नंदकिशोर...। आकाश राठौर ने भजन गाया, तुम्हारी याद आती है, बताओ क्या करें मोहन...। वीरेंद्र त्रिपाठी ने हिंडोरा झूलत दोऊ सरकार... की प्रस्तुति देकर तालियां बटोरीं। सुमन अहाना, श्यामजी मिश्रा, राजकुमार, गोपालजी शर्मा आदि ने भी प्रस्तुतियां दीं। संचालन अपूर्व याज्ञिक ने किया। तबले पर महेश, तथा हारमोनियम पर प्रमोद संगत कर रहे थे। पुजारी गोविंददास ने रामलला महाराज की आरती उतारी।
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