उरई। लाइसेंसी बंदूक से पहली पत्नी के साथ मिलकर दूसरी को गोली मारकर जाने लेने का प्रयास करने वाले पति को बुधवार को कोर्ट ने दोषी करार दिया। पति और उसकी पहली पत्नी को कोर्ट ने 10-10 साल की कैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। एक आरोपी को दोषमुक्त किया है।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के नगर निगम कॉलोनी मुरार निवासी कमलेश परिहार ने कदौरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 24 अगस्त 2022 को थाना क्षेत्र के परौसा गांव निवासी सुरेंद्र सिंह सिसौदिया व उसकी पहली पत्नी शिव प्यारी ने उसकी बेटी रश्मि के पेट में लाइसेंसी बंदूक से गोली मार दी। इससे वह घायल हो गई।
यह वारदात तब हुई थी जब रश्मि परौसा स्थित पुराने मकान पर गल्ला लेने गई थी। गांव के विष्णु ने सुरेंद्र को रश्मि को जानकारी दी थी। वारदात के बाद तीनों भाग गया थे।
पुलिस ने सुरेंद्र व शिव प्यारी, विष्णु दयाल सहित अन्य लोगों के खिलाफ जानलेवा हमला सहित विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने दंपती सहित तीनों के खिलाफ कोर्ट में 22 अक्तूबर 2022 को आरोप पत्र दाखिल किया था। ट्रायल के दौरान वादी सहित अन्य गवाहों के कोर्ट में बयान दर्ज हुए थे। बुधवार को सुनवाई पूरी हुई।
इसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट सुरेश कुमार गुप्ता ने पति व पत्नी को दोषी पाते हुए दस-दस साल की सजा सुनाई। दोनों पर तीस-तीस हजार रुपये जुर्माना लगाया है। विष्णु दयाल को दोष मुक्त कर दिया। जुर्माना अदा न करने पर एक -एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास काटना पड़ेगा