उरई। तीन साल पहले हुई दहेज हत्या के मामले में दोष साबित हो जाने पर अपर जिला जज सुरेश चंद्र ने पिता पुत्र को दस दस साल की कैद और सात सात हजार अर्थदंड की सजा सुनाई।
सहायक शासकीय अधिवक्ता रणकेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि एट थाना क्षेत्र के पिरौना निवासी मानसिंह ने अपनी बेटी नीलम की शादी 4 जून 2014 को अपनी बेटी नीलम की शादी कुठौंद थाना क्षेत्र के नैनापुर निवासी रामकेश के पुत्र चंद्रशेखर के साथ की थी। जिसमें पर्याप्त दान दहेज दिया था लेकिन ससुरालीजन इससे संतुष्ट नहीं थे। लेकिन सोने की जंजीर और बाइक की मांग को लेकर प्रताड़ित करते थे। 4 अगस्त 2016 की शाम करीब पांच बजे केरोसिन डालकर पति चंद्रशेखर और ससुर रामकेश ने जला दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतका के पिता ने 5 अगस्त 2016 को इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दहेज हत्या समेत कई धाराओं में मामला पंजीकृत किया था।
बुधवार को दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला जज डकैती सुरेश चंद्र ने पति चंद्रशेखर और ससुर रामकेश पर दोष साबित होने पर दस दस साल का सश्रम कारावास और सात सात हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। जज ने अर्थदंड में पचास फीसदी धनराशि वादी को देने के आदेश दिए।