जिला निगरानी समिति की हुई बैठक
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विकास भवन सभागार में शनिवार को सांसद भानू वर्मा की अध्यक्षता में जिला निगरानी समिति हुई। इसमें पिछली बैठक के मुददों के साथ अन्य विभागों के पिछले तीन माह के कार्यों की समीक्षा की गई। कई जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों पर मनमानी और बात न सुनने के आरोप लगाए। डीएम ने काम में अनियमितता पर जलनिगम, बिजली विभाग, नहर विभाग, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की फटकार लगाई। साथ ही जल्द से जल्द लंबित कार्यों को पूरा करने के निर्देश दिए।
सांसद भानू वर्मा ने कहा कि पहली सरकारों में क्या होता रहा है, यह बात नहीं आनी चाहिए। यह ध्यान देना चाहिए कि किस तरह जिले को विकास की ओर ले जाया जा सके। विभागाध्यक्षों से कहा कि विभाग को भी कार्य कराएं, उसकी सूची जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएं। बैठक में सर्वसम्मति से तय हुआ है कि लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, समाज कल्याण विभाग, सेतु निगम आदि विभागों के कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए समिति गठित की जाए।
डीएम नरेंद्र शंकर पांडे ने कहा कि सभी अधिकारी सरकार की मंशानुसार कार्य करते हुए जनता की समस्याओं एवं उनको पात्रता के आधार पर लाभान्वित कराएं साथ ही विकास एवं निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। बैठक में पिछले कार्यों की समीक्षा के दौरान ईगुई खुर्द गांव में तालाब के बीच में लगे खंभे का मुद्दा उठाया गया। ग्रामीणों के लिए खतरनाक बन चुके पोल को न हटाने पर डीएम ने बिजली विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई।
कार्यों में शिथिलता पर लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन एपी श्रीवास्तव सप्ताह भर में कोंच रोड का कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। सिल्ट की सफाई में लापरवाही की शिकायत पर नहर विभाग के एक्सईएन एसपी सिंह की फटकार लगाई। शिक्षक विधायक प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि जल निगम के एक्सईएन प्रतिनिधियों की भी बात नहीं सुनते। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी शैली में सुधार करे। सीडीओ एसपी सिंह, विधायक नरेंद्र सिंह जादौन, मूलचंद्र निरंजन, गौरी शंकर, जिला पंचायत अध्यक्ष देवेंद्र निरंजन भी मौजूद रहे।