उरई। मधुमेह (डायबिटीज) रोगियों की संख्या का तेजी से बढ़ना चिंता का विषय है। मधुमेह अनुवांशिक कारणों के साथ ही अनियमित जीवनशैली, तनाव, शारीरिक व्यायाम का न करना बीमारी का मुख्य कारण है। ऐसे में खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। यह बात अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (गैर संचारी रोग) डॉ वीरेंद्र सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि मधुमेह से बचाव के लिए सबसे जरूरी अपना खानपान और दिनचर्या में बदलाव लाना है। यदि बीमारी बढ़ती है तो इसका उपचार जरूरी हो जाता है। अन्यथा हमेशा दवाइयों पर निर्भर होना पड़ता है। उन्होंने बताया कि मधुमेह के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 27 जून को मधुमेह जागृति दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि मधुमेह से बचाव के लिए रोजाना तेज चलने की आदत डालनी होगी। वजन को नियंत्रित रखना होगा। गर्भवती महिलाओं को भी सावधानी बरतनी होगी। तेज टहलना छोड़ दिए तो मधुमेह आगे बढ़ जाएगा। ऐसे में हरहाल में सभी को शारीरिक कसरत एवं संयमित भोजन का फार्मूला अपनाना पड़ेगा। मधुमेह रोगियों के लिए दिन में कम से कम 30 मिनट तक तेज कदमों से जॉगिंग बहुत लाभकारी होता है। वरना उन्हें भी शुगर की समस्या घेर सकते हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक स्वास्थ्य विभाग में 3551 डायबिटीज के मरीज पंजीकृत किए गए। जिनमें 2160 पुरुष और 1391 महिलाएं थीं। उन्होंने बताया कि डायबिटीज के मरीज लगातार बढ़ रहे है।