कालपी। लगभग चार दशक से अधिक समय से वाहनों का भारी दबाव झेल रहे पुराने यमुना पुल से अब अगले दो माह तक भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। एनएचएआई द्वारा पुल की मरम्मत और भविष्य में प्रस्तावित सिक्स लेन परियोजना की तैयारी के तहत यह निर्णय लिया गया है। इस पुल से करीब सात हजार भारी वाहनों का आवागमन रहता है। लोगों का कहना है कि पुल बंद होने से जाम की स्थिति बन सकती है। झांसी-कानपुर को जोड़ने वाला यमुना पुल की बियरिंग खराब हो गई हैं। हालत यह है कि इस पर भारी वाहनों के पहुंचते ही यह हिलने लगता था। इसकी जानकारी जब एनएसआई को हुई उन्होंने इसकी स्थिति को देखा, पता चला कि इसमें लगीं वेयरिंग खराब होने के चलते यह समस्या आ रही है। इस पर उन्होंने इसकी मरम्मत का फैसला लिया। शुक्रवार दोपहर एसडीएम की मौजूदगी में दुर्गा मंदिर के पास से भारी वाहनों का रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया। इसके साथ ही पुराने यमुना पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई है।
नये यमुना पुल से गुजरेगा ट्रैफिक, बनाए गए अस्थायी डिवाइडर
रूट डायवर्जन के तहत दुर्गा मंदिर के सामने से वाहनों को नये यमुना पुल की ओर मोड़ा जा रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सड़क को अस्थायी डिवाइडरों के माध्यम से दो हिस्सों में बांटा गया है, ताकि जाम की स्थिति न उत्पन्न हो। एनएचएआई की हाईवे रखरखाव एजेंसी द्वारा यह व्यवस्था कई दिनों से तैयार की जा रही थी, हालांकि प्रशासनिक मंजूरी में देरी के चलते इसे लागू करने में समय लगा।
डीएम-एसपी निरीक्षण के बाद मिली मंजूरी
इससे पहले बुधवार रात जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने मौके का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। उन्होंने संबंधित एजेंसी और अधिकारियों को सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। निरीक्षण के बाद तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया और शुक्रवार को एसडीएम मनोज कुमार सिंह की मौजूदगी में रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया।
यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव
अब अगले दो माह तक सभी भारी वाहन नये यमुना पुल से ही आवागमन करेंगे। प्रशासन ने आमजन और वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित रूट का पालन करें और यातायात नियमों का पालन करते हुए सहयोग करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा या जाम की स्थिति न बने।
पुराने यमुना ब्रिज की मरम्मत पर दो करोड़ से अधिक खर्च
बियरिंग, एक्सपेंशन जॉइंट, रेलिंग व पेंटिंग सहित सभी खामियां होंगी दुरुस्त
कालपी। पुराने यमुना ब्रिज के मरम्मत एवं सुधार कार्य पर लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। यह सभी कार्य मोरल कंपनी के माध्यम से कराए जा रहे हैं। पूरे कार्य को लगभग दो माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
प्रोजेक्ट मैनेजर उत्तम सिंह ने बताया कि मरम्मत कार्य के तहत ब्रिज की बियरिंग, एक्सपेंशन जॉइंट, झूले, रेलिंग आदि को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा। इसके साथ ही रेलिंग की पेंटिंग एवं अन्य आवश्यक सुधार कार्य भी किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ब्रिज में जहां-जहां भी कमियां पाई जाएंगी, उन्हें पूरी तरह ठीक किया जाएगा, ताकि पुल की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अधिकारियों के अनुसार यह पूरा कार्य लगभग दो माह में पूर्ण कर लिया जाएगा। इस दौरान कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुराने यमुना ब्रिज की स्थिति और अधिक मजबूत व सुरक्षित हो जाएगी, जिससे आवागमन सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।
फोटो - 33 पुल पर बंद होने का लगाया गया बोर्ड। संवाद- फोटो : सड़क हादसे में घायल अकील।