मुहम्मदाबाद। अप्रैल माह में ही भीषण गर्मी ने लोगों की दिनचर्या पूरी तरह बदल दी है। सुबह से ही आसमान से आग बरसने जैसे हालात बन रहे हैं। तेज धूप और लू के थपेड़ों के चलते लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। हालात यह हैं कि सुबह 10 बजे के बाद सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगता है और केवल जरूरी काम से जुड़े लोग ही बाहर निकलते दिखाई दे रहे हैं।
जिले में तापमान 42 डिग्री को पार कर चुका है। गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए स्कूलों के समय में भी बदलाव किया गया है, ताकि बच्चे सुबह जल्दी स्कूल जाकर समय से घर लौट सकें। इसके बावजूद बच्चे धूप से बचने के लिए गमछा, टोपी और अन्य साधनों का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
डकोर स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. मोहम्मद इदरीश ने बताया कि लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। क्षेत्र की एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों को गांव-गांव जाकर लोगों को लू से बचाव और प्राथमिक उपचार की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि इस मौसम में उल्टी-दस्त और लू के मामलों में बढ़ोतरी हो सकती है, इसलिए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
लू से बचाव के लिए अपनाएं ये सावधानियां
दोपहर 12 से 3 बजे के बीच कड़ी धूप में बाहर निकलने से बचें।
दिनभर में 7–8 लीटर तक पानी पिएं, प्यास न लगे तब भी पानी लेते रहें।
नारियल पानी, लस्सी, छाछ, नींबू पानी और आम का पना जैसे पेय पदार्थों का सेवन करें।
हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, गमछा, टोपी, चश्मा और छाता का उपयोग करें।
तली-भुनी चीजों से परहेज करें और शरीर को ठंडा रखने वाले आहार लें।
घर को ठंडा रखने के लिए पर्दों का उपयोग करें और रात में खिड़कियां खुली रखें।
एसी से निकलकर तुरंत धूप में न जाएं।
लू के लक्षण दिखें तो तुरंत लें चिकित्सकीय सलाह।
शरीर का तापमान 40°C या उससे अधिक होना।
तेज सिरदर्द, चक्कर या बेहोशी।
त्वचा का गर्म, लाल और सूखा होना।
मतली या उल्टी।
मांसपेशियों में ऐंठन या कमजोरी।
सांस फूलना और दिल की धड़कन तेज होना।
डॉ. इदरीश ने अपील की है कि लू के लक्षण नजर आते ही लापरवाही न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर इलाज कराएं।