हड़ताल पर गए जिले के एनएचएम संविदा कर्मियों का कार्य बहिष्कार दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में हुंकार भरी और कहा कि जब तक हक नही मिल जाता, तब तक आंदोलन जारी रखेंगे। हड़ताल जारी रहने से जिले की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने लगी हैं। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के
प्रांतीय पदाधिकारियों द्वारा लखनऊ में भूख हड़ताल की जा रही है। प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिले के एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मी भी हड़ताल पर चले गए हैं। बुधवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रही और कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय परिसर में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। संघ के जिलाध्यक्ष अश्विनी पांडेय ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं
में एनएचएम संविदा कर्मियों की बड़ी भूमिका है। इसके बावजूद सरकार जायज मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। नियमित नियुक्तियों में संविदा कर्मियों को शीर्ष वरीयता देते हुए समायोजित किए जाने की मांग की जा रही है। इसके अलावा अन्य मांगें भी जल्द न मानी गईं तो नौ सितंबर से इमरजेंसी सेवाएं भी ठप कर देंगे। उधर, हड़ताल से दूसरे दिन स्वास्थ्य
सेवाओं पर असर पड़ा। जिले में 540 एनएचएम संविदाकर्मी हड़ताल पर हैं। इनमें डॉक्टर से लेकर नर्स व अन्य कर्मचारी तक शामिल हैं। इस दौरान नीरज कुमार राठौर, हेमंत कुमार, हरी सिंह, अरुण चतुर्वेदी, हेमलता तिवारी, रागिनी गुप्ता, अनंत प्रकाश, अखिलेश, पुष्पलता, विनय पाल, डॉ. कल्पना, हृदेश, पवन कुमार आदि मौजूद रहे।
आयुष विंग व अर्बन हेल्थ सेंटरों में पड़ा ताला
एनएचएम संविदा कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होने लगी हैं। जिला अस्पताल की आयुष विंग, अर्बन हेल्थ सेंटर, प्राथमिक, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर महिला अस्पताल व टीकाकरण अभियान तक में इसका असर पड़ा है। जिला अस्पताल स्थित आयुष विंग में तो ताला पड़ गया है। यहां पर आयुर्वेदिक,
होम्योपैथिक, यूनानी डॉक्टरों से लेकर स्टाफ तक एनएचएम संविदा कर्मी हैं। ये सभी हड़ताल पर हैं। ऐसे में बुधवार को मरीज भटकते रहे। इसके अलावा उरई के मोहल्ला तुफ ैलपुरवा, उमरारखेरा, बघौरा स्थित अर्बन हेल्थ सेंटरों में भी यही स्थिति है और यहां भी काम पूरी तरह ठप है। इसके अलावा पहले से ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे महिला अस्पताल में तीन
चिकित्सक एनएचएम संविदा पर तैनात हैं। यह तीनों भी हड़ताल में शामिल हैं। जिले की पांच सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व सात प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित हो रही हैं। इसके साथ ही एनएचएम संविदा पर तैनात एएनएम ने भी अपने क्षेत्राें में टीकाकरण नहीं किया।