आटा। कस्बे में आरसी सेंटर बनकर तैयार हो गया। इसको समूह की महिलाएं लाएंगी। कस्बे के कूड़े से कबाड़ को अलग किया जाएगा। इसको बेचकर समूह की आमदनी होगी।
कस्बा की 18 हजार आबादी के छह सौ परिवारों को जल्द कस्बे में जगह-जगह लगे कूड़े और गोबर के ढेर से निजात मिलेगी। घरों के कूड़े को अब यहां वहां नहीं फेंकना होगा। कूड़े के लिए हर सुबह वाहन घर के दरवाजे पर आएगा। ग्राम पंचायत द्वारा 2022 के दिसंबर माह में 12 लाख रुपये की लागत से आरआरसी सेंटर (कूड़ा प्रबंधन केंद्र) का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। जो पूरा हो गया। इसमें बाहर भी आ चुका है। शुभारंभ भी जल्द होगा। अधिकारियों के अनुसार सेंटर को चलाने की जिम्मेदारी समूह की रहेगी। समूह वाहन द्वारा रोजाना कस्बे से आए कूड़े को इकट्ठा कर सेंटर में बने टैंक डंप करेंगे।
आरआरसी सेंटर में अलग अलग कचरों के लिए अलग अलग टैंक नुमा बॉक्स बनाए गए हैं। इन अलग अलग बॉक्स में प्लास्टिक, पॉलिथीन, गत्ते, लोहा, इलेक्ट्रॉनिक, गीला कचरा, सूखा कचरा, गोबर आदि का कचरा स्टोर किया जाएगा। इसके बाद प्लास्टिक, कांच, गत्ते, लोहा, इलेक्ट्रॉनिक आदि कचरे को बेचा जाएगा। उससे जो आय होगी, उसे समूह को दिया जाएगा। गोबर के कंडे भी बेचकर समूह आय बढ़ा सकेंगी। शुरुआत में तीन माह का भुगतान ग्राम पंचायत समूह को करेगी।
हर महीने देना होगा 50 रुपये तक शुल्क
-आरआरसी सेंटर शुरू होने के बाद कस्बे से हर घर में कूड़ा गाड़ी जाएगी। जो कूड़ा लेकर आएगी। चालक के साथ समूह का खर्च निकालने के लिए कुछ माह बाद ग्रामीणों से भी कूड़े के लिए टैक्स वसूला जाएगा। जो 20 से 50 रुपये महीने का हो सकता है। अभी शुल्क निर्धारण को लेकर मंथन किया जा रहा है।
आरआरसी सेंटर का निर्माण हो चुका है। एक समूह को सौंपा जाएगा। ग्राम पंचायत में गांव सभा की बैठक में सभी लोग एक महिला समूह की जिम्मेदारी देंगे। जो इसको चलाएंगी। इसके शुभारंभ की तैयारी की जा रही है।
संतोष गौतम, एडीओ पंचायत