उरई। टाउन हॉल के सामने स्थित प्रदर्शनी मैदान में चल रही श्रीराम कथा के चतुर्थ दिवस में कथावाचक चिन्मयानंद बापू ने कहा कि मां-बाप धन कमाने में इतने व्यस्त है कि वह अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देना भी भूल जाते हैं। यदि बच्चा संस्कारवान होगा तो वह धन खुद कमा लेगा और यदि बच्चा संस्करवान नहीं होगा तो आपका कमाया हुआ धन भी बर्बाद कर देगा
कथावाचक ने बच्चों की शिक्षा पर भी जोर दिया। कहा कि हमारे जीवन में 16 संस्कार की परंपरा ऋषि महात्माओं ने बनाई थी लेकिन आज हम सब संस्कार भूल गए। केवल दो ही संस्कार विवाह संस्कार और अंतिम संस्कार ही हमारे जीवन में शेष बचे हैं। कथा श्रवण के दौरान मंगलवार को कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी, पालिकाध्यक्ष प्रतिनिधि विजय चौधरी, विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट के बृजकिशोर गुप्ता, शैलेंद्र गुप्ता विनायक, जेपी राजपूत, यजमान रामजी लाल सेठ व कमला सेठ आदि मौजूद रहे।