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गोशालाएं अधूरीं, सड़कों पर घूम रहे अन्ना

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अधूरी पड़ी गौशाला - फोटो : ORAI
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उरई। अधूरी गोशालाओं के चलते अन्ना मवेशी हाईवे पर घूम रहे हैं। हालात यह हैं कि कहीं गोशालाओं में चारे-पानी का भी इंतजाम नहीं है तो कहीं सिर्फ तार लगाकर गोशाला शुरू कर दिया गया है। इससे मवेशी हाईवे पर घूमकर हादसों को अंजाम दे रहे हैं। अधूरी गोशालाएं होने से अन्ना हाईवे के साथ साथ किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।
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सरावन में प्राथमिक पाठशाला के बगल में साल भर पहले मनरेगा के तहत पांच लाख की लागत से गोशाला का निर्माण कार्य ग्राम पंचायत की ओर से शुरू किया गया था। बारिश के दिनों में गोशाला में जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने की वजह से निर्माण को बंद कर दिया गया था। कुछ दिनों बाद तब बारिश का पानी सूख गया तो गोशाला को ऐसे ही सिर्फ तार लगाकर शुरू कर दिया गया था। व्यवस्थाएं न होने से जानवर वहां नहीं टिकते और कस्बे से लेकर हाईवे तक चहलकदमी करते हुए नजर आते हैं। किसान विनोद, महेंद्र, संजीव के मुताबिक, गोशाला में खाने-पीने का भी कोई इंतजाम नहीं है।
आटा, कालपी हाईवे पर भी होते हादसे
एट की तरह कालपी और आटा हाईवे पर भी अन्ना मवेशियों की धमाचौकड़ी कभी भी देखी जा सकती है। जबकि, दोनों ही क्षेत्रों में गोशालाओं की भरमार है लेकिन कहीं चारे पानी का इंतजाम नहीं है तो गेट और बाउंड्री ठीक नहीं है। इस कारण मवेशियों का झुंड हाईवे तक पहुंच जाता है।
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आधी से अधिक लाइटें भी बंद रहती है
एट से लेकर कालपी हाईवे तक में देखने को तो सोडियम लाइटें लगी है लेकिन जलती बहुत ही कम हैं। ऐसे में शाम के वक्त किस वाहन के सामने कहां से कौन सा मवेशी सामने आकर हादसे को अंजाम दे जाए कोई नहीं जानता है। रोजाना कम से कम दो से तीन छोटे बड़े हादसे मवेशियों के कारण होते ही रहते हैं।
कई शिकायतों के बाद भी नहीं हटे अन्ना
कहने को तो कदौरा में भी कान्हा गोशाला बनीं है पर क्षेत्र में अन्ना जानवरों की संख्या अधिक होने की वजह से यहां के लोगों को भी अन्ना समस्या से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। हालात यह है कि कस्बे में हाईवे से लेकर मुख्य बाजार तक मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। बाशिंदे रहीम, दिनेश, अरविंद्र कुमार, मनीष आदि ने बताया कि कई बार सड़कों से अन्ना जानवरों को हटाने को लेकर चर्चा कर चुके है, लेकिन किसी ने भी सुध नहीं ली।
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