गोपाष्टमी का पर्व गुरुवार को द्वारिकाधीश मंदिर प्रांगण में उल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर गौसेवकों ने सामूहिक रूप से गाय तथा बछड़ों की पूजा-अर्चना की। वहीं, आयोजकों ने गौपालकों को शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया गया।
गोपाष्टमी के महापर्व पर साप्ताहिक सुरभि संदेश व गौरक्षा अभियान के संयुक्त तत्वावधान में स्थानीय द्वारिकाधीश मंदिर प्रांगण में नगर के वरिष्ठ साहित्यकार पं. पूरनचंद्र मिश्रजी की अध्यक्षता व रंगवाटिका अयोध्या से पधारे श्री श्री 1008 स्वामी हरि सिद्ध शरण जी महाराज के मुख्य आतिथ्य में उत्साहपूर्वक गोपाष्टमी का महापर्व मनाया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ गौ-गोपाल दर्शन व गौ-ग्रास वितरण के साथ हुआ। इसके उपरांत मुख्य अतिथि, गौसेवकों तथा उपस्थित महिलाओं द्वारा वैदिक रीति से गाय, बछड़ों की सामूहिक पूजा-अर्चना की गई तथा गौवंश को गौ-ग्रास का वितरण किया गया।
उन्होंने सामाजिक, आध्यात्मिक तथा आर्थिक लाभ के बारे में बताते हुए आज के समय में गौ-पालन की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, आयोजक अनिल शिवहरे ने उपस्थितजनों को गौ-मूत्र के स्वास्थ्य लाभ के बारे में लोगों को अवगत कराते हुए गौ-पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अध्यक्षता कर रहे पं. पूरनचंद्र मिश्र ने गाय के आध्यात्मिक लाभ के बारे में चर्चा की। शिक्षाविद् डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने काव्य पाठ करते हुए गौ-महिमा का वर्णन किया। इस मौके पर साधु राधेश्याम योगी, साधु अम्बिकानंद सरस्वती, राजासिंह, जगनाथ सिंह गुर्जर, पं. रूपनारायण द्विवेदी, जावेद अख्तर आदि मौजूद रहे।
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