राम बारात का भव्य आयोजन शनिवार देर रात किया गया। बैंड बाजों के साथ रामलीला भवन से उठी बारात नगर के मुख्य राजमार्ग से होती हुई आजादनगर स्थित जनकपुर पहुंची। यहां बारातियों की खूब आवभगत हुई। इससे पूर्व रामभवन पर चारों भाइयों की आरती उतारी गई। रामलीला कराने वाली मातृ संस्था श्री धर्मादा रक्षिणी सभा के पदाधिकारियों तथा
कोंच में रामलीला के अधिष्ठाता मन्नूलाल गौड़ के वंशज अतुल चतुर्वेदी, गुरु वशिष्ठ बने सुशील दूरवार मिरकू महाराज ने भगवान की आरती उतारी। शोभायात्रा मार्ग में छज्जों पर लगी महिलाओं की कतारें भगवान के चारों स्वरूपों की एक झलक पाने को आतुर रहीं। जगह-जगह बारात पर फूल बरसाए गए। शनिवार की रात नौ बजे मानिक चौक स्थित रामलीला भवन
पर सर्वप्रथम गजानन की आरती सीनरी विभाग के पवन अग्रवाल द्वारा की गई। इसके बाद पं. अतुल कुमार चतुर्वेदी ने चारों श्री विग्रहों राम, लक्ष्मण, भरत और रिपुदमन को हाथी पर सवार कराया। इसके बाद निकाली गई बारात में सबसे आगे भगवान गणेश, लक्ष्मी-बिष्णु, राधा-कृष्ण, शंकर, कार्तिकेय आदि देवी-देवताओं की झांकियां चल रही थीं। बैंड बाजों और डीजे
की धुनों पर युवाओं के पैर थिरक रहे थे। सबसे पीछे हाथी पर सवार चारों भाइयों की मनोहर झांकी शोभायमान थीं। चंदकुआ से मुख्य राजमार्ग होकर बारात स्टेट बैंक, सेंवढ़ा कुआ, सराय, बजरिया पावर हाउस होकर आजाद नगर स्थित जनकपुर पहुंची। यहां निहाल चोपड़ा और उनके परिजनों तथा मुहल्लेवासियों ने बारात की अगवानी की। बारात में रामलीला
संचालन करने वाली मातृ संस्था श्रीधर्मादा समिति के अध्यक्ष केशव बबेले, मंत्री राकेशकुमार अग्रवाल, रामलीला समिति के अध्यक्ष सुधीर सोनी, मंत्री सीताशरण पटेल, संजय सोनी, अनिल खरे, सुमित झा, ऋषि झा, दीपक मिश्रा सहित हजारों लोग शामिल रहे।