कलेक्ट्रेट सभागार में गर्भ धारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीकी अधिनियम के तहत जनपद स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला मंगलवार को हुई। इसमें डीएम रामगणेश ने कहा कि जनपद मेेें संचालित सभी अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों को आगाह किया कि वे किसी भी सूरत में गर्भ में बच्चे की लिंग जांच नहीं करें। ऐसा करने की सूरत में उनके खिलाफ कड़ी
कार्रवाई की जाएगी। कार्यशाला में जिलाधिकारी ने कहा कि यह समाज स्त्री व पुरुष से मिलकर बना है। इसके संतुलन केे लिए स्त्री व पुरुष दोनों का अनुपात बराबर होना चाहिए। यह अनुपात आज कम हो रहा है। वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश में प्रति एक हजार पुरुषों के सापेक्ष 940 महिलाएं थीं। यह स्थिति गंभीर है। कहा कि प्रकाश में आ रहा है कि
अल्ट्रासाउंड संचालक चोरी छिपे धन के लालच में गर्भ में ही लिंग की जांच कर देते हैं। ऐसे में कई बार माता-पिता बच्चा लड़की होने पर गर्भपात करा देते हैं। ये स्थिति गंभीर है। इसलिए नागरिकों की सोच को बदलनी होगी। कोई ऐसी कार्ययोजना बनानी होगी, जिससे लोग लड़का, लड़की में कोई भेद न करें। यह भी कहा कि इस तरह के आयोजन बालिका इंटर कालेजों व
महिला महाविद्यालयों में किए जाएंगे, जिससे महिलाओं को जागरूक कर इस कार्य में सहयोगी बनाया जा सकेे। अल्ट्रासाउंड संचालकों से कहा कि वह निर्धारित फीस ही लें।
एसपी बबलू कुमार ने कहा कि अल्ट्रासाउंड संचालक शासन के नियमों का पालन करें, नहीं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर एएसपी शकील अहमद, सिटी मजिस्ट्रेट पीके सक्सेना, सीएमओ डा. अजीत कुमार जायसवाल, सीएमएस वीवी आर्या, महिला जिला अस्पताल की सीएमएस डा.सुनीता बनौधा,युद्धवीर कंथरिया, डा. अलका नायक, रामशरण जाटव, अशोक होतवानी आदि मौजूद रहे।