उरई। अन्ना मवेशियों को गोशाला तक पहुंचाने के सीएम के फरमान को पूरा करने के लिए अधिकारियों ने बुधवार को ऐड़ी चोटी का जोर लगा दिया है। पूरे दिन अन्ना मवेशियों को सही स्थान पर पहुंचाने के लिए लगे रहे। आधी-अधूरी गोशालाओं में ही पूरी तैयारी का दावा किया जा रहा है। दावे की हकीकत कुछ और ही है।
फरमान के मुताबिक, गुरुवार यानि 10 जनवरी को मवेशी इन गोशालाओं में पहुंचने भी है। ऐसे में अधिकारियों ने दिन भर न सिर्फ गोशालाओं का निरीक्षण किया बल्कि ग्रामीणों को भी चेताया कि किसी भी कीमत पर गुरुवार से पशुओं को अन्ना न छोड़ा जाए वर्ना कार्रवाई को तैयार रहे। गोशालाओं के आसपास भी पुलिस बल लगाने पर विचार किया जा रहा है। प्रस्तुत है सीएम के फरमान को पूरा करने की कवायद पर आधारित रिपोर्ट-
गांव-गांव दौड़े पुलिस कर्मी, बैठकें की
एट। सीएम के आदेश से सिर्फ प्रशासन ही नहीं पुलिस के भी होश फाख्ता हैं। सुबह से ही एट पुलिस गांव गांव जाकर ग्रामीणों संग बैठकें करती नजन आई। जहां ग्रामीण मिले या प्रधान, सभी को बैठाकर बताया कि गुरुवार से मवेशी सड़कों और खेतों पर नहीं दिखने चाहिए वर्ना उनकी खैर नहीं होगी। पुलिस सीधे कार्रवाई करेगी।
पिंडारी और धगुंवा गांव पहुंची पुलिस ने अन्ना मवेशियों की अनुमानित संख्या भी ग्रामीणों से जुटाई और आसपास की गोशालाएं भी देखी। थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस की टीम गुरुवार की सुबह से ही सड़कों पर निकलेगी और मवेशियों को अन्ना छोड़ने वाले मालिकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
सालों से बंद गोशाला की भी सुध ली गई
कालपी। सालों से बंद पड़ी क्षेत्र स्थित आलमपुर गोशाला की भी सीएम के फरमान के चलते सुध ली गई। बुधवार को नगर पालिका प्रशासन ने गोशाला में साफ-सफाई कराई व मवेशियों के लिए पानी की चरही आदि का इंतजाम भी किया। यहां करीब 300 से 400 अन्ना मवेशी रखे जा सकते हैं।
नगर पालिका परिषद के कर्मचारी पूरे दिन गौशाला को चमकाने में लगे रहे। मवेशियों के पीने के पानी के लिए चरही आदि बनवाई गई है। चारों ओर से तार फिनिशिंग कराई गई है। जिससे मवेशी बाहर न जा सके। ईओ सुशील कुमार दोहरे ने बताया कि इस गोशाला में कालपी नगर के अन्ना मवेशियों को रखने की व्यवस्था की जा रही है। नगर के अन्ना मवेशियों को चिह्नित करने के बाद गोशाला में रखा जाएगा।
खोदा गड्ढ़ा, बनाई गई लीडोरी
कदौरा। क्षेत्र के गल्ला मंडी के निकट करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से बन रही कान्हा गोशाला में अभी भी काफी काम बाकी है लेकिन सीएम का आदेश है तो गुरुवार से वहां मवेशी खड़े कराना प्रशासन की मजबूरी है, लिहाजा मवेशियों के लिए पानी पीने के गड्ढ़े और चारे के लिए लीडोरी तैयार कर दी गई है। यहां गुरुवार से जैसे-तैसे मवेशियों को रखने का सिलसिला शुरू कर दिया जाएगा।
एसडीएम सुनील शुक्ला ने बताया कि फिलहाल नगर में घूमने वाले अन्ना मवेशियों को ही यहां रखा जाएगा। इसके अलावा जिस भी किसान अथवा पशु पालक के मवेशी अन्ना मिले तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत कर्मियों ने अभी से ही मवेशियों के इंतजाम पूरे होने से हाथ खड़े कर दिए हैं। बता दें कि करीब एक सप्ताह भर पूर्व इसी कान्हा गोशाला में किसानों ने सैकड़ों की संख्या में अन्ना मवेशी घुसेड़ कर काफी हंगामा किया था।
डीडीओ ने भी गोशालाओं की जानकारी ली
जालौन। जिला विकास अधिकारी ने विकासखंड कार्यालय में सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों के साथ बैठक कर गोशालाओं के बारे में जानकारी दी। इसके उपरांत उन्होंने ग्राम लहचूरा में बैठक कर किसानों से गौशाला चलाने में सहयोग करने की अपील की। जिला विकास अधिकारी मिथलेश सचान ने विकासखंड कायलय में सभी सचिवो को निर्देश देते हुए बताया कि हर ग्राम पंचायत में गोशाला शीघ्र खोली जाए।सभी सचिव अपने अपने गांव में जाकर लोगों को गौशाला खुलवाए जाने के लिए प्रेरित करें।
गौशाला खुलवाकर मात्र औपचारिकता पूरी न करें। बल्कि उसमें अन्ना जानवरों को रखा भी जाए एवं उनकी देखरेख एवं चारे पानी की व्यवस्था भी की जाए। इस मौके पर बीडीओ मनोज कुमार, एडीओ पंचायत रमाशंकर प्रजापति, मनीष निरंजन, सतीश वर्मा, किरन रावत, अमर सिंह, प्रियंका, नीता राठौर, मेघा भारद्वाज आदि रहे।