अगर आप इस महीनें ट्रेन से सफर करने की सोच रहे हैं तो भूल जाएं। क्योंकि किसी भी ट्रेन की बोगी में सीट खाली नहीं है। दीवाली में अपने घर आने वालों को भी इसके चलते खासी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। प्रमुख ट्रेनों में इस पूरे महीने सीट नहीं हैं। कई ट्रेनों में तो दिसंबर तक कोई जगह खाली नहीं है।
मुसाफिरों की बढ़ी हुई संख्या को देखते हुए रोडवेज ने दस अतिरिक्त बसों को सड़क पर दौड़ा दिया है। दीवाली पर इस बार भी ट्रेनों व बसों में मुसाफिरों का जगह नहीं मिल पा रही है। ट्रेनों का आलम यह है कि इनके रिजर्वेशन बोगी के सारे टिकट पहले से ही बुक हैं। जनरल बोगी में क्षमता से कई गुना ज्यादा यात्री सफर कर रहे हैं।
त्योहार पर घर जाने की मजबूरी में मुसाफिरों को खचाखच भरकर चल रही जनरल बोगी में जैसे तैसे सफर करना पड़ रहा है। 15 दिसंबर तक अधिकांश गाड़ियों के रिजर्वेशन फुल हैं। यही स्थिति रोडवेज व बसों की भी है। त्योहार पर रोडवेज बसें भी खचाखच भरकर चल रही हैं।
क्षमता से दोगुना यात्री इन दिनों रोडवेज बसों में सफर कर रहे हैं। प्राईवेट बसों की भी चांदी हो गई है। घर पहुंचने के लिए यात्री इनका भी सहारा ले रहे हैं। हालांकि रोडवेज दस बसें और चला दी हैं। मौजूदा समय में सड़क पर 60 बसें दौड़ रही हैं।
दो बसें रिजर्व में भी रखी गई हैं। रोडवेज के एआरएम अपराजित श्रीवास्तव ने बताया कि दीवाली पर यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इसे देखते हुए यात्रियों की सहूलियत के लिए दस अतिरिक्त बसों को लगा दिया गया है। वहीं रेलवे के वरिष्ठ रिजर्वेशन बाबू एसपी राजपूत का कहना है कि अधिकांश ट्रेनों में 15 दिसंबर के पहले रिजर्वेशन फुल हैं।