मृतक के घर के बाहर बैठे ग्रामीण।
- फोटो : ORAI
सिरसाकलार (जालौन)। बैंक के कर्ज व फसल के नुकसान से परेशान किसान ने निजी नलकूप में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी सौरभ सिंह का कहना है कि किसान पर बैंक का कर्ज था।
सिरसाकलार थाना क्षेत्र के ग्राम लहरकनार निवासी गोविंद सिंह (55) पुत्र हरनारायण सिंह यादव खेत पर बने निजी नलकूप पर रहकर खेतों की रखवाली करते थे। शनिवार को गोविंद सिंह का भतीजा सौरभ सिंह खाना लेकर नलकूप पर पहुंचा तो चाचा गोविंद को फांसी पर लटका देखा तो परिजनों को जानकारी दी। परिजन खेत पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। थानाध्यक्ष ने शव फंदे से उतारकर जांच पड़ताल के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
किसान के परिजनों ने पुलिस को बताया कि किसान के पास बीस बीघा जमीन थी। जिसमें से 10 बीघा में उसने तिल की फसल बोई थी, जो अधिक बारिश होने पर फसल सड़ गई थी। इसके साथ ही दस बीघा जमीन में बाजरा बोया था। वह भी बारिश और अन्ना जानवरों के विचरण से खराब हो गई थी। इसके अलावा उस पर इलाहाबाद बैंक, सिरसाकलार से किसान क्रेडिट कार्ड पर साढ़े तीन लाख का कर्ज भी था।
फसलों के नुकसान और बैंक कर्ज होने से वह काफी दिनों से मानसिक रुप से परेशान था और गुमसुम रहता था। बड़े बेटे इंद्रजीत ने बताया कि पिता ने बहन की शादी के लिए बैंक से कर्ज लिया था, जो फसलों के खराब होने के कारण चुकता भी नहीं हो पा रहा था। किसान की मौत से छोटे पुत्र अजीज, बेटी लाली, पत्नी विमला देवी का रो रोकर बुरा हाल है।
मृतक किसान गोविंद की फाइल फोटो।- फोटो : ORAI