निजी स्कूल एवं बुक स्टोर संचालकों की मुनाफाखोरी के विरोध में आम आदमी पार्टी और समाजसेवियों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को समाजसेवियों ने डीएम संदीप कौर को ज्ञापन देकर स्कूलाें व बुक स्टोर संचालकों की मुनाफाखोरी व मनमानी पर रोक लगाने की मांग की।
आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट मेें सीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम संदीप कौर को दिया। इसमें बताया कि प्राइवेट स्कूलों में फीस, ड्रेस, वाहनों का किराया, कापी किताबों केे नाम पर अभिभावकों से वसूली की जा रही है। कहा कि अभिभावकों को कहीं से भी ड्रेस, कापी, किताबें आदि खरीदने की छूट दी जाए।
प्राइवेट स्कूलों की जांच कराई जाए, स्कूल में एक ही ड्रेस का प्रावधान किया जाए, स्कूल बसों केे किराये का निर्धारण कर सार्वजनिक किया जाए, मनमानी रोकने के लिए जिला स्तर पर एक समिति का गठन किया जाए, अधिक मूल्य वाली कापी, किताबों व ऐसे प्रकाशनों पर तत्काल रोक लगाई जाए। इस दौरान राजेश उपाध्याय, कुलदीप, उवैश सिद्दीकी, धर्मेंद्र, जगदीश, कुसुम सक्सेना, मुन्नी देवी, केशकली, सुरेश वर्मा, जयशंकर निरंजन भी मौजूद रहे।
उधर, समाजसेवी अंशुमन सिंह सेंगर, पंकज सहाय, नरेंद्र प्रताप सिंह, विकास नायक व अंतिक वर्मा सहित दर्जनों समाजसेवियों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन देकर बताया कि जिले में छह से अधिक निजी स्कूल बुक स्टाल संचालकों के साथ अभिभावकों की जेब काटने में लगे हैं। हालात यह हैं कि 15-20 रुपयों की किताबों में ऊपर से चिट लगाकर उन्हें 150-200 रुपये में बेचा जा रहा है। स्कूल प्रबंधक मानकविहीन पाठ्यक्रम को शामिल कर हर साल किताबों को बदल देते हैं।