उरई। छात्रा से छेड़खानी के दोषी युवक का दोष सिद्ध होने पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट मोहम्मद आजाद ने चार साल की सजा सुनाई।
साथ ही पांच हजार रूपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
शासकीय अधिवक्ता विश्वजीत सिंह गुर्जर ने बताया कि जालौन कोतवाली क्षेत्र के अमखेड़ा गांव निवासी छात्रा ने 10 सितंबर 2015 को पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह अपने घर के अंदर थी। तभी गांव के ही जितेंद्र कुमार घर के अंदर घुसकर छेड़खानी करने लगा, जब उसने विरोध किया तो मारपीट की। शोर सुनकर परिवार व मोहल्ले के लोग आ गए तो आरोपी मौके से भाग गया।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर युवक को पकड़ने के लिए कई बार दबिश दी। पुलिस ने थाना क्षेत्र से कुछ महीने बाद युवक को पकड़कर जेल भेज दिया। वहीं, युवक के खिलाफ न्यायालय में पुलिस ने 20 सितंबर 2016 को चार्जशीट दाखिल कर दी।
पॉक्सो कोर्ट में सात साल चले ट्रायल के बाद शुक्रवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच जिरह, गवाहों के बयानों व साक्ष्य के आधार पर जितेंद्र कुमार को दोषी पाते हुए विशेष न्यायाधीश ने चार साल की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।