आटा। संकेतक न होने से आटा तिराहे पर छह महीने में दो लोग अपनी जान गवां चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है।
अब कोहरे में होने वाली दुर्घटनाओं से राहगीरों को कैसे सुरक्षित करेंगे। इसके कोई इंतजाम नहीं किए गए। जिससे हाइवे को पार करने वाले लोगों को निकलने पर खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि समय से इंतजाम नहीं किए गए तो कोहरे के दौरान हादसों का खतरा बढ़ जाएगा।
झांसी-कानपुर हाईवे किनारे बसे गांव आटा के लिए लोगों का गांव में जाना किसी खतरे से कम नहीं है। झांसी से आने वाले वाहन अगर आटा की तरफ जाते हैं, तो उन्हें हाईवे को जरूर पार करना पड़ता है। जिससे अक्सर तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आ जाते हैं। छह माह में दो मौतें अभी तक हो चुकी हैं और कई लोग घायल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक जिम्मेदारों ने यहां पर कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए हैं।
आटा निवासी पूर्व प्रधान सत्यनारायण वर्मा का कहना है कि आटा बस स्टैंड से हाईवे जुड़ा हुआ है। ऐसे में जो लोग हाईवे पार करते हैं, तो हाईवे से निकलने वाले वाहन चालकों को तिराहा नहीं दिखता है। मोड़ होने के लिए न तो रिफ्लेक्टर लगा है और न ही संकेतक जिससे वाहनों की रफ्तार धीमी हो सके।
आटा निवासी धर्मसिंह कुशवाहा ने बताया कि हमारी आंखों के सामने कई हादसे हुए हैं। जिसमें कई लोग घायल हुए और कई लोगों की जान भी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि आटा तिराहे से कई सवारियां सड़क पार करने के लिए निकलती है। जिससे वह तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आ जाती है। जिम्मेदारों को संकेतक लगवाने चाहिए। जिससे वाहन चालकों को यहां मोड़ होने का पता चले।
झांसी में तैनात कृषि विभाग के एडीओ आटा निवासी शंकर पाल बस आठ नबंवर को बस से उतरकर हाईवे पार कर रहा था। तभी कालपी की ओर से आ रही लोडर से उसे टक्कर मार दी थी। जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।
16 जून 2023 को इटौरा निवासी अनूप तिवारी हाईवे पार कर रहा था। तभी डंपर ने उसे पीछे से टक्कर मार दी थी। जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।
पिछले वर्ष पांच मई को आटा निवासी तीन मजदूर उरई से मजदूरी करके ऑटो से घर लौट रहे थे। तभी कालपी की तरफ आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने ऑटो में टक्कर मार दी थी। जिससे आटा निवासी 35 वर्षीय मजदूर देव सिंह कुशवाहा की घटनास्थल पर मौत हो गई थी। जबकि आटा निवासी गिरजाशंकर व लालसिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
एआरटीओ प्रवर्तन सुरेश कुमार वर्मा का कहना है कि हाईवे व खतरनाक सड़कों पर सावधानी बोर्डों के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात की गई है। उनको लगवाया जाएगा।