उरई। नशीले पाउडर की तस्करी के मामले में दोषसिद्ध होने पर अपर जिला जज राजीव सरन ने दोषी को चार साल की सजा सुनाई और दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
शासकीय अधिवक्ता रामलखन सिंह ने बताया कि जनपद सीतापुर निवासी सत्यपाल और विजय कुमार ने 18 अगस्त 2018 को जीआरपी उरई पुलिस को तहरीर दी। बताया था कि रात में ट्रेन से सफर कर रहे था तभी झांसी कानपुर के रास्ते ट्रेन में किसी ने उन दोनों को नशीला पदार्थ कोल्ड ड्रिंक में मिलाकर पिला दिया था, जिससे वह अचेत हो गए। इसके बाद उनके रुपये, मोबाइल व अन्य सामान पार कर ले गए थे। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी थी।
पुलिस ने 19 अगस्त 2018 को ट्रेन से एक व्यक्ति को उतरकर पीछे की तरफ भागते देखा। शक होने पर पुलिस ने घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पुलिस की पूछताछ में उसने अपना नाम राजबाबू ग्राम खरगूपुर जनपद गोंडा बताया। तलाशी में पुलिस ने उसके पास से 130 ग्राम नशीला पाउडर बरामद कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
छह साल चले ट्रायल के बाद शुक्रवार को अपर जिला जज राजीव सरन की अदालत में सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों, बयानों व साक्ष्यों के आधार पर राजबाबू को दोषी पाते हुए चार साल की सजा सुनाई। साथ ही दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।