जालौन। लोगों को प्रेरित करने के लिए खंड विकास अधिकारी महिमा विद्यार्थी ने सीएचसी में वैक्सीन लगवाई। वैक्सीन लगाए जाने के बाद उन्हें आधे घंटे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया। इस दौरान उन्हें कोई परेशानी न होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके बाद बीडीओ ने ब्लॉक क्षेत्र के प्रधानों व ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि वैक्सीन को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति न पालें। अपना रजिस्ट्रेशन कराकर जितनी जल्दी हो सके वैक्सील लगवा लें। उधर, कोंच संवाद के अनुसार शनिवार को कोंच में एक और नदीगांव में दो पॉजिटिव निकले हैं। कोंच सीएचसी प्रभारी डॉ आरके शुक्ला ने बताया कि 24 एंटीजन जांचों में एक व्यक्ति संक्रमित पाया गया। जबकि 23 आरटीपीसीआर भेजी गई हैं जबकि 60 लोगों को वैक्सीन दी गई है। नदीगांव सीएचसी प्रभारी डॉ देवेंद्र भिटौरिया के मुताबिक 343 एंटीजन जांचों में 2 पॉजिटिव पाए गए हैं। जबकि 94 आरटीपीसीआर भेजी गई हैं तथा 47 को वैक्सीन दी गई है। (संवाद)
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फोटो-20-तहसील परिसर में बना कोविड कंट्रोल रूम। संवाद
कोविड कंट्रोल रूम का फोन खराब
जालौन। तहसीलदार कार्यालय में बना कोविड कंट्रोल रूम लोगों की सहायता करने में विफल है। कारण है कि कंट्रोल रूम का टेलीफोन खराब चल रहा है। जिसके चलते लोगों को लाभ नहीं मिल रहा है। कोरोना संक्रमित और कोरोना को लेकर जानकारी उपलब्ध कराए जाने के लिए लोगों की सहायता के लिए तहसील परिसर में कोरोना कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। कंट्रोल रूम में 3 कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। जो पूरे दिन कंट्रोल रूम में बैठकर समय काट रहे हैं। कंट्रोल रूम से संपर्क करने के लिए लगाया गया टेलीफोन नंबर 05168-222623 खराब है। एसडीएम कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर संचालित यह कंट्रोल रूम औपचारिकता में सिमट कर रह गया है। कंट्रोल रूम के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति है। (संवाद)
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फोटो-21-आंधी में टूट कर गिरे पेड़। संवाद
विद्युत पोल व पेड़ गिरने से लोग परेशान
कोंच। करीब एक पखवाड़े से लगभग हर रोज आने वाली आंधी व पानी से तपिश के इस मई महीने में जहां तापमान में गिरावट देखी जा रही है। वहीं दूसरी ओर आंधी पानी से कई स्थानों पर विद्युत पोल और पेड़ टूटकर गिरने से लोग परेशान हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने के साथ ही आवागमन की समस्या से भी लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए कई दिनों से डेरा डाले किसानों को ट्रैक्टर ट्रॉली में लदे गेंहूं को पानी से बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है। (संवाद)