भले ही जनपद में सूखा पड़ा हो, दैवी आपदा से लोग परेशान हों, जंगल कट रहे हों और इसके चलते पर्यावरण को नुकसान हो रहा हो, पर इस संबंध में जागरूकता और स्थिति में सुधार को लेकर वन विभाग व सामाजिक संगठन संजीदा नहीं हैं। विश्व पर्यावरण दिवस पर यह उपेक्षापूर्ण व्यवहार साफ दिखा जब वन विभाग और सामाजिक संगठनों की अनुपस्थिति में केवल
प्रशासनिक अधिकारियों ने गोष्ठी की और पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाकर औपचारिकता पूरी की। कलेक्ट्रेट सभागार में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में एडीएम आनंद कुमार एसडीएम संजय सिंह व सिटी मजिस्ट्रेट व विभागीय 10-15 बाबुओं की उपस्थिति रही। इस दौरान वन विभाग का एक भी अधिकारी वहां नहीं दिखा। सामाजिक संगठनों के लोग भी
नदारद रहे। ऐसे में वक्ताओं की कमी रही और अधिकारियों ने कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई और कार्यक्रम समाप्त हो गया। इस दौरान वन विभाग की ओर से कहीं पेड़
आदि भी नहीं लगाया गया। बताते चलें कि वैसे तो सूखे को लेकर हो हंगामा करने में जिले के सामाजिक संगठन कहीं भी पीछे नहीं रहते, पर पर्यावरण दिवस पर रविवार को कोई भी दिखाई नहीं दिया। न ही प्रशासन के साथ उनका कोई तारतम्य दिखा।
पर्यावरण दिवस पर लगाई चित्र प्रदर्शनी
विश्व पर्यावरण दिवस पर जनपद में पर्यावरण बचाओ अभियान की शुरुआत की गई। जनपद के प्रधान संघ केे जिलाध्यक्ष अमित द्विवेदी इतिहास ने अपनी समाजसेवी टीम के साथ पर्यावरण दिवस पर जिला परिषद तिराहे पर चित्र प्रदर्शनी लगाई और पर्यावरण जागरुकता संबंधी पंपलेट का वितरण किया।
अमित द्विवेदी इतिहास ने कहा कि आज संपूर्ण विश्व बदलते पर्यावरण से चिंतित है। 1974 से प्रतिवर्ष विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। कहा आज जितनी जरुरत पौधे लगाने की हैं,
उससे कहीं ज्यादा जरूरत वृक्षों को बचाने की है। इस मौके पर शहर की हाईटेक नर्सरी तुलसी पौधशाला का भी महत्वपूर्ण योगदान होगा। जितेंद्र द्विवेदी, सुनीता राज, पूनम, वीरेश, संतोष पाठक, कमला प्रसाद, प्रवीण दुबे सतीश प्रधान, अखिलेश, एसपी खरे आदि मौजूद रहे।