माधौगढ़ (जालौन)। धमना में आयोजित 11 कुंडीय श्रीविष्णु महायज्ञ के तीसरे दिन भगवान श्रीराम की कथा सुनाई गई। आचार्य पवन द्विवेदी भदवां ने कहा कि भगवान राम के आदर्श व चरित्र की वजह से आज भारत विश्व गुरू बना है। लोगों को भगवान राम के चरित्र व आदर्शों के बताए गए मार्ग पर चलना चाहिए। इसकेे अलावा उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म लीला का भी विस्तार पूर्वक वर्णन किया। माधौगढ़ क्षेत्र के ग्राम धमना में आयोजित श्रीविष्णु महायज्ञ के भक्ति की रसधारा बह रही है। गुरुवार को तीसरे दिन सबसे पहले भगवान श्रीराम की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने कड़ी तपस्या की।
भगवान श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास दिया गया, लेकिन भाइयोें में आपसी प्रेम की होने की वजह से किसी ने राजगद्दी नहीं ली और भगवान श्रीराम की खड़ाऊं रखकर राज्य चलाया। इसके बाद उन्होंने श्रीकृष्ण जन्म लीला का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि आनंदकंद भगवान श्रीकृष्ण का जन्म जेल में हुआ। आनंदकंद जेल में तो प्रकट हो गए, लेकिन उनका जेल में विस्तार नहीं हो सका। आनंदकंद के विस्तार के लिए उन्हें गोकुल लाया गया जहां नंद के घर उनका जन्मोत्सव मनाया गया। इस दौरान नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल केे गीत पर जमकर श्रोता झूम उठे। कथा के समापन पर श्रीमद्भागवत पुराण की आरती उतारी गई। इसके बाद मौजूद भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया।