मंगलवार देर शाम से शुरू हुए कोहरे के दौर ने बुधवार सुबह 9 बजे तक अपनी चादर बिछाए रखी। इसके चलते कई ट्रेनें लेट हो गईं। वहीं, सुबह विद्यालय जाने के लिए छात्र-छात्राएं भी स्कूली वाहन समय से न पहुंचने से परेशान होते नजर आए। ट्रेनों व बसों के इंतजार में यात्रियों को घंटों खड़ा रहना पड़ा। विशेषकर उरई स्टेशन पर आने वाली सभी ट्रेनें एक से 9 घंटे तक
की देरी से पहुंचीं। मंगलवार रात शुरू हुए कोहरे से सुबह भी जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। सुबह जल्दी निकलने वाले एवं ट्रेनों, बसों से यात्रा करने वालों को कोहरे की वजह से परेशानी उठानी पड़ी। उरई से आने जाने वाली सभी ट्रेनें देरी से पहुंचीं। अहमदाबाद जाने वाली 9168 साबरमती जो सुबह 4 बजे उरई पहुंचती है, वह चार घंटे देर से 8 बजे आई। वहीं, 2541
लोकमान्य तिलक सुबह 4 बजे पहुंचती है, 5 घंटे देरी से उरई पहुंची। 1016 कुशीनगर सुबह 4 बजे पहुंचती है. वह 9 घंटे देर से दोपहर 1.30 बजे आई। इस तरह 2108 लोकमान्य भी एक घंटे देरी से आई। उरई स्टेशन से गुजरने वाली अन्य ट्रेनें भी एक से दो घंटे विलंब से पहुंचीं। गाड़ियों के लेट होने से स्टेशन पर पहुंचे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। ट्रेनों के लिए
घंटों इंतजार करना पड़ा। ट्रेनों की जानकारी के लिए यात्रियों की भीड़ पूछताछ काउंटर पर लगी रही। थोड़ी-थोड़ी देर में लोग गाड़ियों का लोकेशन जानने के लिए पूछताछ काउंटर पर पहुंचते रहे। स्टेशन पर खड़े लोगों के चेहरे पर बेचैनी साफ देखी जा सकती थी। वहीं, कोहरे की वजह से स्कूली वाहन भी लेट हुए। इससे स्कूली बच्चे घरों से निकल कर सड़कों पर वाहनों का इंतजार करते दिखाई दिए।