शहर में जगह-जगह देवी पंडालों में स्थापित देवी प्रतिमाओं को गुरुवार को पूरी श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना कर विसर्जित किया गया। शहर में 107 पंडालों में स्थापित देवी प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्रा गाजे बाजे के साथ निकाली गई। विसर्जन के लिए एक साथ निकली शोभायात्रा में भक्त डीजे की धुन पर थिरकते हुए चल रहे थे।
मां के जयकारों से समूचा माहौल गूंज रहा था। देवी प्रतिमाओं की भव्य शोभायात्रा एक साथ विसर्जन को निकली तो शहर देवी की भक्ति में डूब गया। डीजे की धुन पर नाचते झूमते श्रृद्धालु साथ चल रहे थे। यात्रा के दौरान जमकर अबीर, गुलाल उड़ाया गया। हर ओर से माता के भक्ति गीतों की धुन सुनाई दे रहे थे।
विसर्जन यात्रा का कई स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया। श्रृद्धालुओं को ठंडा पानी पिलाया गया तो वहीं भंडारे में भोजन भी कराया गया। उरई शहर में मोहल्ला बघौरा, शांति नगर, राजेंद्र नगर, तुलसी नगर, इंदिरा नगर, तुफैलपुरवा एवं अन्य मोहल्लों में सजे मां के पांडालों से देवी प्रतिमाएं विसर्जन के लिए ले जाई गईं।
जालौन प्रतिनिधि के अनुसार नगर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित 41 मूर्तियों को सर्वप्रथम नगर के बीचोंबीच स्थित द्वारिकाधीश मंदिर के प्रांगण में एकत्रित किया गया। शोभायात्रा द्वारिकाधाीश मंदिर से प्रारंभ हुई जो झंडा चौराहा, बस स्टैंड, तहसील रोड से कोतवाली रोड होते हुए ग्राम लौना के पास स्थित तालाब में विसर्जन के लिए रवाना हुई।
कालपी की यमुना नदी के पास बनाए गए अस्थाई सरोवर में मूर्तियों का विसर्जन किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त रहे। इस दौरान एडीएम आनंद कुमार, एएसपी शकील अहमद खां, एसडीएम गोरेलाल शुक्ला, सीओ महेंद्र कुमार, कोतवाल संतोष कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।