उरई । रुपये के लेनदेन के चलते फूफा ने चार अन्य साथियों की मदद से भतीजे का अपहरण कर लिया। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर फूफा समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली से भतीजे को भी सकुशल छुड़ा लिया गया। पुलिस ने अपहरण में प्रयुक्त कार और अपहृत की बाइक भी बरामद कर ली है।
पुलिस लाइन सभागार में मामले का खुलासा करते हुए एएसपी डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि आटा थाना क्षेत्र के बारा गांव निवासी प्रियंका ने 2 जून को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पति रोहित का अकबरपुर इटौरा से लौटते समय अपहरण कर लिया गया है। इस पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तीन पुलिस टीमों का गठन किया। टीमों ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रेस करते हुए गाजियाबाद और दिल्ली में दबिश दी। दिल्ली से अपहृत रोहित को सकुशल खोज लिया गया।
इसके साथ ही मुख्य आरोपी फूफा महोबा जिले के चरखारी थाना क्षेत्र के अटकुआं व हाल निवासी लक्ष्मी नगर, थाना प्रीत विहार दिल्ली अजय कुमार, साथी गाजियाबाद के थाना कौशांबी के वैशाली निवासी शंकर कुमार को घटना में प्रयुक्त कार सहित गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की। इसमें हमीरपुर जिले के ललपुरा थाना क्षेत्र के स्वासी खुर्द निवासी सुनील व उरई कोतवाली क्षेत्र के सदनपुर निवासी रिजवान व बारा गांव निवासी दीपक शामिल हैं। इन सभी के पास से अपहृत की बाइक भी बरामद कर ली।
पुलिस के अनुसार रोहित ने अपने फूफा अजय से रुपये उधार लिए थे, जिसके लेनदेन को लेकर विवाद बढ़ गया और उसी के चलते अपहरण की घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने बताया कि पूरी घटना का खुलासा मात्र 48 घंटे के भीतर कर दिया गया। इस सफल कार्रवाई में आटा थाना पुलिस, एसओजी टीम और अन्य पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का पुरस्कार भी दिया गया है।
रोहित बोला- इतनी यातनाएं दीं, भगवान किसी को न दे
उरई। रोहित ने पुलिस पूछताछ बताया कि उसके साथ आरोपियों ने बेहद क्रूर व्यवहार किया। रोहित ने कहा इतनी यातनाएं दी गईं कि भगवान किसी को न दे। उसके अनुसार वह 2 जून को साथी के साथ बाइक से घर लौट रहा था, तभी अकबरपुर इटौरा के पास कार से आए चार लोगों ने उसे घेर लिया और जबरन उठा लिया। इसके बाद इन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उसे उरई ले गए, जहां एक गुप्त स्थान पर कुछ समय तक रखा गया।
रोहित ने बताया कि इसके बाद उसे दिल्ली ले जाया गया, जहां आरोपी अजय उसे अपने किराये के कमरे में लेकर गया। वहां उसके साथ लगातार मारपीट की गई और उससे रुपए की मांग की जाती रही। पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने उसके और उसके साथियों के खातों में करीब पांच लाख रुपये का फर्जी ट्रांजेक्शन भी कराया था। जब उसे इस हेराफेरी की जानकारी हुई तो वह किसी तरह दिल्ली से भाग निकला, जिसके बाद यह पूरा घटनाक्रम आगे बढ़ा। रोहित ने यह भी बताया कि आरोपियों ने उसकी पत्नी को फोन कर धमकी दी थी। डर और दबाव बनाने के लिए उसे मारपीट के बाद नए कपड़े पहनाकर रखा जाता था, ताकि किसी को शक न हो सके। सूत्रों के अनुसार आरोपी लगातार दबाव बनाकर रुपये वसूलने की कोशिश कर रहे थे और धमकी दे रहे थे कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उसे विदेश ले जाकर गुलामी तक कराई जाएगी।