उरई। उरई से कानपुर देहात की दूरी कम करने के लिए जिस पुल को तैयार किया गया, उसका उपयोग ही नहीं हो पा रहा है। पुल से पहले करीब पांच किलोमीटर तक सड़क इतनी खराब है कि लोगों ने उस रास्ते आना-जाना बंद कर है। इस वजह से लोगों को अब भी पहले की तरह 25 किलोमीटर दूरी अतिरिक्त तय कर मंजिल तक पहुंचना पड़ रहा है।
महेबा ब्लॉक के पाल सरैनी गांव के पास यमुना नदी पर पुल न होने से लोगों को कानपुर देहात, कानपुर, लखनऊ औरैया, इटावा आदि जगह जाने के लिए कालपी होकर जाना पड़ता था। उरई से कानपुर देहात की इस रूट से दूरी करीब 65 किलोमीटर है। कई बार मांग उठने के बाद पुल को लेकर प्रस्ताव भेजा गया और उसके पास होने के बाद वर्ष 2010 में पुल निर्माण का काम शुरू किया गया।
उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की ओर से पाल सरेनी राजपुर यमुना सेतु का निर्माण शुरू कराया गया था। धन के अभाव में 10 साल बाद भी पुल का निर्माण पूरा नहीं हो सका था। वर्ष 2022 में इसका निर्माण शुरू होने के बाद इसे शुरू करा दिया गया था। इस पुल के शुरू होने से कानपुर देहात की दूरी 40 किलोमीटर हो गई थी। इससे क्षेत्र के लोगों ने खुशी जाहिर की थी। लेकिन न्यायमतपुर से पांच किलोमीटर तक पाल सरैनी पुल से पहले की सड़क खराब होने से लोग इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। सड़क इतनी खराब है कि उसकी वजह से उन्हें हाइवे का रास्ता ही चुनना पड़ रहा है और कालपी होते हुए कानपुर देहात पहुंच रहे हैं। विभाग का कहना है कि सड़क निर्माण को लेकर कई बार प्रस्ताव भेजा गया था।
क्षेत्र के करहिया गांव निवासी रामनरेश यादव का कहना है कि पुल के बनने के बाद लोगों की उम्मीद जगी थी। लेकिन सड़क जर्जर होने से लोग पुल के रास्ते नहीं जाते हैं। गड्ढों में गिरने का खतरा बना रहता है।
सरैनी गांव निवासी रामपाल सिंह यादव का कहना है कि केवल पांच किलोमीटर सड़क न बनने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुल बनने का कोई फायदा नहीं।
सड़क के लिए बजट मांगा गया है। मिलते ही जल्द ही सड़क का निर्माण कर शुरू कर दिया जाएगा। जिससे लोगों को कोई असुविधा न हो।
महेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता