उरई। धारदार हथियार से एकराय होकर हमला करने के पांच दोषियों को अपर जिला जज शिवकुमार ने तीन-तीन साल की सजा और पांच पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर छह छह माह की अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
शासकीय अधिवक्ता रामलखन ने बताया कि कोंच कोतवाली मोहल्ला सुभाषनगर निवासी कृष्णबिहारी निरंजन ने 19 मार्च 2005 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि उसके भाई बलराम सिंह को कोंच के ही भानुप्रकाश, भारत सिंह, अमर सिंह, ठाकुरदास, रामस्वरूप, मुन्नालाल व लल्लूराम ने एक राय होकर लाठी डंडे और नुकीले हथियार से हमला किया था। जिससे बलराम सिंह गंभीर रुप से घायल हो गया था।
पुलिस ने जानलेवा हमला सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी थी। इलाज के दौरान बलराम सिंह की मौत हो गई थी। पुलिस ने विवेचना में हत्या की धारा बढ़ाकर सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 19 मई 2005 को सातों लोगों के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। ट्रायल के दौरान लल्लूराम व रामस्वरूप की मृत्यु हो गई थीं। पांच आरोपियों का ट्रायल अपर जिला जज शिवकुमार की अदालत में चल रहा था।
शनिवार को सुनवाई पूरी हुई। जिसमें दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस, गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने भानु प्रकाश, भारत सिंह, अमर सिंह, ठाकुरदास, व मुन्नालाल को जानलेवा सहित हत्या में दोष मुक्त कर दिया और एक राय होकर मारपीट सहित अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए तीन तीन साल की सजा सुनाई और पांच पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर छह छह माह की अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।