कालपी। पिछले एक हफ्ते से यमुना का जलस्तर लगातार घट बढ़ रहा है। मंगलवार की रात से यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा था लेकिन बुधवार की शाम होते होते जलस्तर फिर से घटना शुरू हो गया है।
बता दें कि मंगलवार को राजस्थान के कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के चलते मंगलवार की रात से जलस्तर बढ़ने लगा था। सुबह होते होते जलस्तर लगभग एक मीटर बढ़ गया। केंद्रीय जल आयोग के स्थल प्रभारी रुपेश कुमार ने बताया कि बुधवार को दोपहर बाद ही जलस्तर घटने लगा है। दिन में 2 बजे जलस्तर 104.55 मीटर दर्ज किया गया है। यमुना का जलस्तर 2 से 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घट रहा है। जलस्तर घटने से भले ही राहत मिली हो लेकिन कालपी से मंगरौल को जाने वाली सड़क पर जोधर नाले के ऊपर अभी भी पानी भरा है। जिससे यमुना पट्टी के गांव के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में छात्र स्कूल नहीं जा पा रहे है। यमुना पट्टी के गांवों से मरीजों को लाने में भी परेशानी हो रही है। एसडीएम ने बताया कि फिलहाल बाढ़ की संभावना नहीं है। सिर्फ जलस्तर 1 से 2 मीटर ऊपर नीचे हो रहा है।