बजरंग दल के आह्वान पर जिले में पहली बार हिंदू धर्म संसद का गठन हुआ। एक
मंच पर एकत्रित हुए जिले के सभी मंदिरों के महंत व शक्ति पीठों के
पीठाधीशों की मौजूदगी में संसद गठन का निर्णय लिया गया। धर्म संसद जिले के
सभी मंदिरों की सुरक्षा, रखरखाव के साथ ही हिंदू धर्म की रक्षा के लिए काम
करेगी।
बजरंग दल की बीते दिनों कालपी में हुई एक सभा के दौरान जिले
में धर्म संसद गठित करने का आह्वान किया था। इस पर शनिवार की शाम उरई के
ठड़ेश्वरी मंदिर में सभी मंदिरों के महंत व शक्ति पीठों के पीठाधीश उपस्थित
हुए। यहां धर्म संसद का गठन किया गया। इसमें बलखंडी शक्ति पीठाधीश्वर
कालपी धाम के महंत जमुनादास जी महाराज को जिला धर्माचार्य व राधा
कृष्ण
मंदिर के महंत राहुल महाराज को जिला सह धर्माचार्य चुना गया। इस मौके पर
जिला धर्माचार्य ने कहा कि हिंदू समाज की रक्षा बहुत जरूरी है। समाज को
अपने संस्कार और आदर्श नहीं भूलने चाहिए। सह धर्माचार्य राहुल महाराज ने
कहा कि बजरंग दल की यह सराहनीय पहल है। इससे जिले में धर्म की रक्षा को और
भी बल मिलेगा। कहा कि धर्म संसद जिले के सभी
मंदिरों की सुरक्षा, रखरखाव व
हिंदू धर्म की रक्षा का काम करेगी। बजरंग दल जिला संयोजक अखिलेश डीहा ने
कहा कि बजरंग दल धर्म रक्षा के लिए वचनबद्ध है। बिना धर्माचार्य की अनुमति
के कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही जिले के सभी मठ
मंदिरों के महंत व शक्ति पीठाधीश्वरों को संसद का सदस्य बनाया जाएगा।
इस
मौके पर महंत सिद्ध रामदास, कुलदीप गौर, पिंटू यादव, अरुण तिवारी, गोल्टू
ठाकुर, आशूृ यादव, अरुण चौहान, ज्ञानदीप गौतम, राहुल सिंह, योगेश पटेल,
आशुतोष तिवारी, प्रिंस गुप्ता, गोपाल महाराज, रवि राठौर आदि मौजूद रहे।