मुहम्मदाबाद। जय श्रीराम, जय श्रीराम...। जयघोष के साथ भिंड से निकली 12 लोगों की टीम शुक्रवार की शाम उरई पहुंची।
इस चौथे पड़ाव में ठहरने के बाद शनिवार की सुबह सात बजे हमीरपुर के चिकासी मार्ग से चित्रकूट के लिए आगे बढ़ी। कारसेवकों की याद में शुरू हुई यह यात्रा चित्रकूट के बाद अयोध्या में पूरी होगी। पैदल हाथ में हिंदू ध्वज और कीर्तन मंडली के रूप में लंबा रास्ता तय कर रहे हैं।
अयोध्या राममंदिर में 22 जनवरी को प्राण-पतिष्ठा दिवस है। इस वजह से श्रीराम में आस्था रखने वाले श्रद्धालु अयोध्या जाने की तैयारी में हैं। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के महधौली गांव के रहने वाले कुंज बिहारी बरुआ और संजीव शर्मा के नेतृत्व में 12 भक्तों की टोली दो जनवरी की सुबह चित्रकूट के लिए निकली थी। कुंज बिहारी बताते हैं कि कारसेवक उनके दादा महावीर प्रसाद और संजीव के दादा शिव नारायण शर्मा के योगदान को ध्यान में रखते हुए यह यात्रा शुरू की गई है।
बताया कि श्रीराम ने पहले चित्रकूट में वनवास किया था। इसीलिए यह यात्रा पहले चित्रकूट में पूरी होगी, फिर अयोध्या जाएंगे। भिंड के बाद कनासर, लहार, बंगरा, जालौन, उरई, हमीरपुर के चिकासी होते हुए आगे बढ़े हैं। यात्रा में राम चरित मानस और हिंदू ध्वज साथ में हैं। जहां रुकते हैं, वहां क्षेत्रीय लोगों की मदद से ढोलक, मजीरा लेकर कीर्तन करते हैं। इस यात्रा में व्यापारी, पुरोहित के अलावा ज्यादातर संख्या किसानों की है, जो इस यात्रा में खेत में काम करने के दौरान ही शामिल हो गए।
यात्रा में श्याम सुंदर, राम कुमार, देवेंद्र शर्मा, अवध बिहारी पंडित, बलराम चौधरी, कुंज बिहारी, संजीव शर्मा, राम बिहारी शर्मा, श्याम शर्मा, रवि पाल, अमरीश शर्मा, हरिओम शर्मा शामिल रहे।