कागज फैक्टरी में आग बुझाता दमकल कर्मी।
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कालपी(जालौन)। नगर के मोहल्ला आलमपुर स्थित कागज फैक्टरी में मंगलवार की देर रात आग लगने से हड़कंप मच गया। फैक्टरी शाम 7 बजे ही बंद हुई थी व चौकीदार पति पत्नी फैक्टरी में कमरे में सो रहे थे। आस पड़ोस के मजदूरों ने जब धुआं उठते देखा तो फैक्टरी मालिक, पुलिस और दमकल को सूचना दी। जब तक दमकल मौके पर पहुंची तब तक लपटों ने विकराल रूप ले लिया था। जेसीबी से कमरे की दीवार तोड़कर दोनों चौकीदार पति पत्नी बाहर निकाला गया। दोनों को अचेत अवस्था मे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। तीन दमकलों ने काफी देर मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घटना में लगभग 25 लाख का नुकसान बताया जा रहा है। सूचना पर पहुंचे सीओ संजय कुमार शर्मा व कोतवाल माणिक चंद्र ने बताया कि आग शार्ट सर्किट से लगी है।
आलमपुर मोहल्ले में मां वनखंडी देवी मंदिर के आगे कई कागज बनाने की फैक्टरियां हैं। यहीं पर देवेंद्र गुप्ता की मां वनखंडी हाथ कागज फैक्टरी है। फैक्टरी से आबादी की दूरी लगभग एक किमी. है। प्रतिदिन की तरह मंगलवार की शाम 7 बजे फैक्टरी बंद होने के बाद सभी मजदूर चले गए थे। रात लगभग दो बजे फैक्टरी से आसपास के फैक्टरी के चौकीदारों ने धुआं उठते देखा तो शोर मचाना शुरू कर दिया। इससे पहले कि दमकल को सूचना दी, जाती देखते ही देखते फैक्टरी से लपटें उठने लगी। सूचना पर फायर स्टेशन से दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची व जेसीबी से कमरे की दीवार तोड़कर चौकीदारों को बाहर निकाला गया। धुंआ भर जाने चौकीदार मोहल्ला आलमपुर निवासी गोविंद दीक्षित(60) व उनकी पत्नी कमला देवी(55) अचेत हो गए थे, उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। फैक्टरी में रखे कागज की वजह से आग की लपटें बढ़ती ही जा रही थी, इस पर एक गाड़ी उरई से व एक गाड़ी जालौन से दमकल की आई। तीनो गाड़ियों ने पास के ही नलकूप से लगभग 15 चक्कर पानी भरकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। फैक्टरी से उठने वाला धुआं और लपटें इतनी तेज थीं कि दमकल कर्मी दूर से ही ट्यूब की मदद से पानी डालने में जुटे नजर आए। फैक्टरी मालिक देवेंद्र गुप्ता के मुताबिक आग से मशीन, कागज मिलाकर करीब 25 लाख के आसपास का नुकसान हुआ है। गौरतलब है कि 10 दिसंबर को भी इसी प्रकार तरी मोहल्ले में श्रीकांत सिंह की फैक्टरी में आग लग गई थी व लाखों का नुकसान हुआ था। सीओ का कहना है कि फिलहाल तो शार्ट सर्किट से आग की बात ही सामने आ रही है। फिर भी जांच पड़ताल कर कार्रवाई की जाएगी।
इलाकाई लोगों ने बताया कि नगर मे छोटी बड़ी कई कागज फैक्टरियां है। कुछ तो रिहायशी इलाकों में भी चल रही हैं। कभी भी अग्निशमन विभाग के अफ सर इकाइयों का निरीक्षण नहीं करते हैं। फि र भी सभी के लाइसेंस का नवीनीकरण हो जाता है। यह तो सही रहा कि समय पर सूचना हो गई वर्ना आग से आसपास की इकाइयों में भी आग लग सकती थी व चौकीदारों की जान जा सकती थी। बता दें कि एक माह पूर्व भी क्षेत्र की एक कागज फैक्टरी में आग लगी थी।
बुधवार को पूरे दिन तीन गाड़ियां लगी होने के बाद भी कागज फैक्टरी भठ्ठी की तरह सुलगती रही। जिसके चलते कोई भी इकाई के अंदर जाने की हिम्मत नही जुटा सका। बड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। मंगलवार की रात 2 बजे लगी आग बुधवार की सुबह दस बजे तक धुआं देती रही। फैक्टरी में आग बुझाने के इंतजाम पर्याप्त नहीं थे।
नगर में रिहायशी इलाकों में कई कागज इकाइयां गेस्ट हाउस व स्कूल कालेज बने हुए हैं पर लगभग सभी जगहों पर अग्निशमन विभाग के मानकों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिला अग्निशमन अधिकारी के मुताबिक, किसी भी कागज इकाई व गेस्टहाउस को एनओसी जारी नहीं की गई है, इसके बावजूद यह सब कैसे चल रहे हैं, यह समझ से परे है।