गोपालगंज स्थित सब्जी मंडी में शुक्रवार की रात संदिग्ध हालात में आग लग गई। आग की चपेट में आकर करीब डेढ़ दर्जन सब्जी की दुकानें जल गईं। सूचना देने के बाद भी देरी से दमकल पहुंची। इस पर दुकानदारों ने करीब दो घंटे तक हंगामा किया और मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी को भी घेर लिया। बवाल की आशंका देख करीब एक घंटे बाद सीओ और कोतवाल फोर्स के साथ पहुंचे। आक्रोशित दुकानदारों को समझा बुझाकर शांत कराया। आग से तीन से चार लाख रुपये के नुकसान का आंकलन है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के गोपालगंज स्थित पुरानी सब्जी मंडी में शुक्रवार की रात दुकानदार दुकानें बंद कर घर चले गए। करीब 11 बजे मंडी में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आसपास स्थित बस्ती के लोगों ने लपटे देखी तो दुकानदारों को सूचना दी। इस पर दुकानदार मंडी पहुंचे और दमकल को सूचना देकर आग बुझाने में जुट गए। मिट्टी, पानी और धूल डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग बढ़ती जा रही थी।
सूचना के करीब डेढ़ घंटे बाद एक दमकल पहुंची। इसके बाद आग बुझाने का सिलसिला तेज हुआ। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक दुकानों में रखा सब्जी का सारा सामान जलकर गया। मेहनत की कमाई जलने पर दुकानदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर चौकी प्रभारी पहुंचे तो दुकानदारों ने उन्हें घेर लिया और नारेबाजी करने लगे। इसी बीच किसी ने कोतवाली में सूचना दे दी। इस पर सीओ अरुण कुमार और कोतवाल देवेंद्र द्विवेदी करीब एक घंटे बाद पहुंचे और आक्रोशित दुकानदारों को शांत कराया।
हर साल लगती है मंडी में आग
शुक्रवार की रात सब्जी मंडी में लगी आग की यह पहली घटना नहीं है। बताया जाता है कि हर साल सब्जी मंडी में आग लगती है। दर्जनों दुकानें जलकर राख हो जाती हैं, लेकिन आग क्यों और कैसे लगती हैं, इसका आज तक पता नहीं चल सका है। कई बार अफसरों ने भी सब्जीमंडी में लगने वाली आग के बारे में छानबीन कराई, लेकिन हकीकत सामने नहीं आ सकी। आग से हर बार लाखों का नुकसान होता है।
हंगामे के बाद पहुंचे सीओ और कोतवाल
सब्जी मंडी स्थित दुकानों में आग की खबर पाकर पहुंचे दुकानदारों को पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। दुकानदारों के मुताबिक आग लगने की सूचना दमकल के साथ सीओ व कोतवाल को भी दी गई, पर इनमें से कोई भी समय पर नहीं पहुंचा। जब दुकानदारों ने हंगामा काटा, जब अफसरों की नंींद टूटी और समझाने पहुंच गए।