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फायर कंट्रोल रूम ही ‘कंट्रोल’ में नहीं

Sat, 16 Apr 2016 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उरई
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अग्निशमन केंद्र में रखा दमकल वाहन। - फोटो : अमर उजाला
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फायर ब्रिगेड अधिकारियाें व कर्मचारियों की लापरवाही से आम लोगों को यहां की टोल फ्री सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। नंबर के ठीक से काम न करने और कई बार कर्मचारियों के रिसीवर उठाकर अलग रख देने से आग लगने की सूचना लोग नहीं दे पाते हैं। कई बार तो सूचना मिलने में देरी से दमकल की मदद में भी देर होती है और इस दौरान लोगों को भारी
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नुकसान उठाना पड़ता है। कुछ ऐसा ही एक दिन पूर्व कालपी में हुए अग्निकांड के बाद हुआ जब क्षेत्र के लोग फोन करने की कोशश करते रहे और लाइन लगातार व्यस्त मिलती रही। करीब एक घंटे के बाद किसी तरह फोन लगा तब जाकर फायर विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और दमकल गाड़ियां मंगाकर किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका। गौरतलब है

कि गर्मी के मौसम में जिले में आग की घटनाआें में बढ़ोतरी हुई है। ऐसे में टोल फ्री नंबर 101 लोगों के लिए अब बेमकसद साबित हो रहा है। कालपी में गोदाम में आग लगने के बाद लोगों ने 101 नंबर पर जानकारी देनी चाही तो घंटों फोन नहीं लगा। इसी तरह माधौगढ़ के गेहूं के खेत में आग लगने पर ग्रामीणाें ने भी फायर कं ट्रोल रूम को सूचना देनी चाही
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लेकिन बात नहीं हो सकी। ग्रामीण रमन सिंह ने बताया कि टोल फ्री नंबर की जानकारी सभी को है लेकिन ज्यादातर इस नंबर पर बात नहीं हो पाती। ऐसे में आग बुझाने में देरी हो जाती है। हकीकत जानने संवाददाता फायर कंट्रोल रूम पहुंचा तो देखा कि वहां फोन का रिसीवर अलग रखा था। स्पष्ट है कि ड्यूटी पर तैनात फायर विभाग के कर्मचारी किस तरह लापरवाही बरत रहे हैं।

वर्जन
मैं खुद देखूंगा कि आखिर क्या समस्या है। फोन क्यों नहीं लग रहे हैं। वैसे विभाग की ओर से आग की सभी घटनाओं में फोन रिसीव किया गया है। साथ ही अधिक से अधिक मदद पहुंचाने की कोशिश की गई है। इसके बावजूद यदि ऐसा है तो मामले की जांच कर दोषियाें के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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                                                             अमर सिंह पाल, एफएसओ
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