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Jalaun News: यमुना में कूदे युवक के मामले में दरोगा समेत चार पर प्राथमिकी

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उरई। कदौरा थाना क्षेत्र के सिद्धार्थ नगर निवासी युवक की मौत के मामले में आखिरकार पुलिस ने दरोगा समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। युवक के पिता की शिकायत और पुलिस अधीक्षक के आदेश पर घटना के करीब डेढ़ माह बाद मामला फिर से चर्चा में आ गया है। युवक ने वीडियो वायरल करते हुए यमुना में कूदकर अपनी जान दे दी थी।
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कदौरा कस्बे के मोहल्ला सिद्धार्थ नगर निवासी लोकेंद्र सिंह (22) 7 मई को पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्कूल की ओर जा रहा था। आरोप है कि रास्ते में मोहल्ला बम्हौरी निवासी एक महिला से उसका विवाद हो गया। परिजनों का कहना है कि लोकेंद्र ने महिला को भाभी कहकर संबोधित किया था, जिस पर महिला नाराज हो गई और उसके साथ मारपीट की। बाद में महिला ने थाने पहुंचकर लोकेंद्र पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए प्रार्थना पत्र दे दिया।
शिकायत मिलने पर पुलिस लोकेंद्र को थाने ले आई और उसके खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई। परिजनों का आरोप है कि शाम को जमानत पर रिहा होने के बाद जब लोकेंद्र अपनी बाइक लेने कदौरा थाने पहुंचा तो वहां तैनात दरोगा सुरजीत मिश्रा, दीवान संदीप कुमार और सिपाही भगत यादव ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे बाइक नहीं दी और थाने से भगा दिया।
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बताया जाता है कि इस घटना से लोकेंद्र काफी आहत हो गया था। उसी रात वह कालपी स्थित यमुना पुल पहुंचा और वहां एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो में उसने पुलिसकर्मियों पर समझौते के नाम पर आठ लाख रुपये मांगने का आरोप लगाया था। वीडियो में उसने मानसिक प्रताड़ना की बात भी कही थी। इसके बाद वह यमुना नदी में कूद गया।
परिजनों ने पूरी रात और अगले कई दिनों तक उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। 10 मई को कालपी क्षेत्र में यमुना नदी से एक युवक का शव बरामद हुआ। सूचना मिलने पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान लोकेंद्र सिंह के रूप में की। युवक की मौत से परिवार में कोहराम मच गया था।
मृतक के पिता मुकुंदी सिंह ने कदौरा पुलिस को तहरीर देकर तत्कालीन दरोगा सुरजीत मिश्रा, दीवान संदीप कुमार, सिपाही भगत यादव तथा महिला लक्ष्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि चारों लोगों ने मिलकर उनके बेटे को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और ऐसी परिस्थितियां पैदा कीं, जिनसे परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया। हालांकि उस समय पुलिस ने मामले में जांच की बात कहकर मुकदमा दर्ज नहीं किया था।
डीएम राजेश कुमार ने इस मामले की जांच एसडीएम की दी थी। जांच के बाद एसडीएम ने रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। इस पर मामले में एसपी विनय कुमार सिंह ने प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दे दिए थे। शुक्रवार को मृतक के पिता मुकंदी की तहरीर पर पुलिस ने दरोगा सुरजीत मिश्रा, दीवान संदीप कुमार और सिपाही भगत यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। एसपी का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
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