आटा। प्रशासन के प्रयास से अन्ना गोवंशों से किसान कुछ राहत पाए भी थे तो अब नीलगायों ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया है।
फसलें कुचल रहे हैं और उजाड़कर भाग जा रहे हैं। उनके फुर्तीले और आक्रामक स्वभाव के चलते किसान उन्हें भगा पाने से भी डर रहे हैं। वहीं, संबंधित विभागों के अधिकारी किसानों को इस समस्या से निजात दिलाने को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दे पा रहे हैं।
इस समस्या से कदौरा ब्लॉक के आटा और डकोर ब्लॉक के अटरिया के किसान परेशान हैं। आटा के किसान रामकृपाल प्रजापति ने बताया कि उन्होंने तीन बीघा खेत में मटर की फसल बोई है। बेमौसम बारिश से काफी नुकसान हुआ, अब नीलगाय के झुंड खेतों में घुसकर उसे कुचल रहे हैं। अटरिया के किसान अरविंद राजपूत ने बताया कि उन्होंने 10 बीघा खेत में मटर और गेहूं की फसल बोई थी। फसल अच्छी हुई, लेकिन नीलगायों ने आधे से अधिक फसल बर्बाद कर दी।
किसान प्रदीप तिवारी, माताप्रसाद पाल व कृपाल पांचाल ने बताया कि रखवाली के लिए सर्द रात खेत पर ही काटनी पड़ रही है। नीलगाय खतरनाक होती हैं, इसलिए उनके पास तो नहीं जा सकते। दूर से ही शोर मचाकर और डंडे फटकारकर भगाने की कोशिश करते हैं। प्रशासन ने जल्द कोई कदम नहीं उठाए तो किसान बर्बाद हो जाएंगे।
शासनादेश के अनुसार बीडीओ स्तर पर भी नीलगायों पर लगाम लगाई जा सकती है। फिर भी यदि ज्यादा समस्या है तो उसको दिखवाया जाएगा। बीडीओ से सामंजस्य बनाते हुए कार्रवाई होगी। -प्रदीप कुमार, डीएफओ
नीलगायों को खेतों से दूर करने के लिए गाइडलाइन आई है। उसके अनुसार योजना बनाकर सभी बीडीओ को निर्देशित करेंगे। जल्द ही समस्या से निजात मिलेगी। -भीमजी उपाध्याय, सीडीओ