हरदोई गुर्जर में सड़क पर जाम लगाकर मुआवजे की मांग करते किसान
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उरई (जालौन)। मौसम के बदले मिजाज ने किसानों को काफी नुकसान पहुंचाया। शुक्रवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से जनपद के कई इलाकों में मटर, मसूर, चने आदि की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। अन्ना मवेशियों से फसलों को बचाने के लिए रात दिन एक करने वाले किसान बारिश और ओलों के आगे बेबस नजर आए। इस पर भी उनके कंधे पर कोई हाथ रखने नहीं पहुंचा तो किसानों के सब्र का बांध टूटकर आक्रोश में बदल गया। गुस्साए किसानों ने सुबह से ही जनपद में कई स्थानों पर रोड जाम कर न सिर्फ धरना प्रदर्शन किया बल्कि जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को भी जमकर कोसा।
एट क्षेत्र के हरदोई गूर्जर और वर्ध गांवों में दर्जनों किसानों की फसल बारिश और ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई। रात-रात भर जागकर किसानों ने मवेशियों से फसल को बचाया पर मौसम के आगे उनकी एक न चली। शुक्रवार का पूरा दिन किसान परेशान रहे और जब शनिवार सुबह तक उनकी किसी ने कोई सुध नहीं ली तो गुस्साए किसानों ने सुबह साढ़े बजे उरई-कोंच मार्ग पर स्थित हरदोई गांव के बाहर जाम लगा दिया। जिससे कोंच और उरई दोनों ओर करीब एक-एक किमी का लंबा जाम लग गया।
जाम की सूचना पाकर सांसद भानु प्रताप वर्मा और सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया पर किसानों ने उनकी एक न सुनी। किसानों का आरोप है कि हरदोई गांव सांसद का गोद लिया गांव है, फिर भी किसान परेशान है। इसके बाद दोनों ही जनप्रतिनिधि वहां से निकल गए। इस पर किसान मुआवजे के लिए डीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।
तब तक मौके पर कोंच, जालौन, उरई व एट थानों की पुलिस पहुंच चुकी थी। दोपहर दो बजे के आसपास एडीएम पीके सिंह मौके पर पहुंचे। किसानों ने बताया कि बीमा कंपनियां प्रीमियम तो ले लेती हैं पर क्लेम नहीं देती है। इस पर एडीएम ने उन्हें आश्वस्त किया कि एक सप्ताह के भीतर खराब हुई फसलों का सर्वे कराकर उनकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी ताकि अधिक से अधिक मुआवजा किसानों को मिल सके। इसके बाद करीब ढाई बजे के आसपास किसानों ने जाम खत्म किया।
हरदोई गुर्जर में जाम लगाए किसानों को समझाते सांसद भानु प्रताप वर्मा व एडीएम प्रमिल कुमार- फोटो : ORAI