हरी मटर की खरीद में कथित रूप से घटतौली और भाव में हेरफेर का गंभीर आरोप लगाते हुए सैकड़ों किसान शनिवार को आंदोलित हो गए। किसानों ने सुबह कृषि उत्पादन मंडी समिति के गेट पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुुंची पुलिस व तहसीलदार ने बात कर मामला सुलटाया। कोंच हरी मटर की बड़ी मंडी होने के नाते
यहां सैकड़ों ट्रक लगभग रोज ही लोड होते हैं। किसान सुबह हरी मटर की बानगी लाकर भाव कर जाते हैं और दिन भर की तोड़ी मटर शाम को मंडी में लाकर बेच देते हैं। शनिवार सुबह भी वहां सैकड़ों किसान जमा थे और वे इस बात को लेकर भड़क गए कि सुबह वे भाव कर जाते हैं लेकिन शाम को जब मटर लाते हैं तो भाव में हेरफेर की जाती है। खामी बता कर तयशुदा
भाव से कम दिया जाता है। घटतौली की भी शिकायत करते हुए किसानों ने मंडी गेट पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। किसानों का प्रदर्शन दो घंटे तक जारी रहा। सूचना मिलने पर तहसीलदार भूपाल सिंह व कोतवाल देवेंद्र कुमार द्विवेदी मौके पर पहुंचे और उन्होंने समझाने का काफी प्रयास किया। लेकिन किसान नहीं माने। बाद में
गल्ला व्यापारी समिति के अध्यक्ष अजय गोयल, मैंथा गल्ला व्यापारी कल्याण समिति के अध्यक्ष अजय रावत, किसानों राजाभैया सिवनी, अरविंद कटकरी, अरुण पटेल, गुड्डू राजा चंदेल, आकाश पांडे, राघवेंद्र सिंह वरोदा, आशीष गोवर्धनपुरा, राघवेन्द्र, राजकिशोर पटेल, अशोक पटेल आदि के साथ अधिकारियों ने मंडी चौकी में वार्ता कर मामला सुलटाया। तय हुआ
कि मंडी निरीक्षक तराजुओं की जांच करेंगेे, अवैध रूप से हरी मटर का कारोबार करने वाले लोगों पर पाबंदी लगाई जाएगी और किसान अपनी पासबुक साथ लाएंगे ताकि उनको पेमेंट तत्काल दिया जा सके।