गरीबी का दंश झेल रहा परिवार बुधवार को एक बार फिर कलेक्ट्रेट परिसर में भूख हड़ताल पर बैठ गया। इस दौरान अधिकारियों पर झूठी दिलाशा देने का आरोप लगाया। कहा कि वह पात्र होने के बावजूद सरकारी राशन से वंचित कर दिए गए।
बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में मुसमरियां गांव निवासी बेवा लज्जा बेटी अधिकारियों को कोसते हुए अपने पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गई। इसके पहले वह 20 व 21 जून को भी भूख हड़ताल की थी उस समय अधिकारियों ने उसकी समस्या के समाधान का भरोसा दिया था।
एक सप्ताह बाद भी किया वायदा पूरा नहीं हुआ तो परिवार के सदस्यों ने फिर से भूख हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान उसने कहा कि अब मुझे मेरा अधिकार नहीं मिल जाता तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। सिटी मजिस्ट्रेट ने परिवार के सदस्यों के साथ वार्ता की है।
परिवार किसी भी आश्वासन को मानने को तैयार नहीं है। भूख हड़ताल पर बैठी सत्यवती ने कहा कि कई बार कोटेदार से निवेदन किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद 26 अप्रैल, तीन मई, 17 मई, 31 मई के तहसील दिवसों में भी शिकायत की गई। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई इस दौरान, कैलाश, गुड्डी, उत्तम चंद्र, राजाराम, नीतू, उषा, राजू आदि ने कोटेदार पर मनमानी का आरोप भी लगाया है।