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Jalaun News: शिकायतों का फर्जी निस्तारण, चार माह में 10 स्थान गिरी रैंकिंग

Wed, 21 May 2025 12:33 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालौन
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उरई। जिले में आईजीआरएस की शिकायतों का फर्जी निस्तारण किया जा रहा है। अधिकारियों को इसकी जानकारी है, लेकिन कार्रवाई नहीं की जा रही है। नतीजतन जिले की रैंकिंग सुधरने के बजाय खराब होती जा रही है। जनवरी में जिले की रैंकिंग 13 थी, फरवरी में 15 पर पहुंच गई, तो मार्च में 19 हो गई। अप्रैल में गिर कर 23वें स्थान पर पहुंच गई है। इस तरह चार माह में 10 स्थान रैंकिंग गिर गई है। यदि मौके पर जाकर शिकायतों का निस्तारण किया जाए तभी रैंकिंग में सुधार हो सकता है।
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ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से हो रही जनशिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नदारद है। यही वजह है कि अधिकांश शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट नहीं हैं। कोई फर्जी निस्तारण का आरोप लगा रहा है तो कोई खानापूर्ति का। सबसे अधिक असंतोष नगर पालिका से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण के बारे में है। इस विभाग में एक ही रिपोर्ट को कई शिकायतों में लगाकर निस्तारित दिखाया जा रहा है, केवल तारीख और नाम बदले जा रहे हैं।
सबसे ज्यादा फर्जीबाड़ा पालिका में हो रहा है। हर महीने नाला-नाली निर्माण, सफाई और पेयजल से संबंधित करीब 35 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। इनका निस्तारण रिकॉर्ड में तो 10 दिन में दिखा दिया जाता है, लेकिन हकीकत में काम किया नहीं जाता है। यदि किसी शिकायत में सड़क निर्माण की मांग की जाती है, तो जवाब में लिखा जाता है कि काम का प्रस्ताव भेजा गया है। पेयजल की शिकायतों को दूसरे विभाग से संबंधित बताकर टाल दिया जाता है। सफाई की शिकायत पर महज एक-दो दिन की औपचारिकता कर उसकी फोटो अपलोड कर दी जाती है। जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय ने कहा कि सभी शिकायतों का निस्तारण पारदर्शिता के साथ किया जाता है। यदि कहीं फर्जी तरीके से निस्तारण किया जा रहा है तो उसकी जांच कराकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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झूठी ली जा रही शाबाशी

सड़कों पर गंदा पानी बहने की शिकायत होने पर भी, नाली के निर्माण की जगह सिर्फ सफाई करवाकर मामला निस्तारित दिखा दिया जाता है। इस प्रक्रिया से अधिकतर शिकायतकर्ता असंतुष्ट हैं। कइयों ने तो फर्जी निस्तारण के आरोप भी लगाए हैं। सूत्रों के मुताबिक, रैंकिंग की होड़ में पालिका प्रशासन जल्दबाजी में हर शिकायत को निस्तारित दिखा रहा है। यदि वास्तव में किसी नाली या सड़क निर्माण की शिकायत का समाधान किया जाए, तो कम से कम दो-तीन महीने लगेंगे। ऐसा करने के बजाय अधिकारी सिर्फ रिपोर्ट लगाकर झूठी शाबाशी ले रहे हैं।




समाधान नहीं, सिर्फ दिखावा, गंदा पानी अब भी भरा
केस-1

नया पटेल नगर, सिद्धि विनायक हॉस्पिटल के पास रहने वाले अमन चंदेल ने बताया कि सड़क पर गंदा पानी कई महीनों से बह रहा है। कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। हर बार जवाब मिलता है, सफाई कर दी गई। 16 मई को भी शिकायत की, इसके बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ।
सिर्फ लिखकर आता, शिकायत का समाधान का हो गया


केस-2

सुशील नगर निवासी अवनीश कुमार ने बताया कि पाइपलाइन नहीं होने की शिकायत 19 अप्रैल को की थी। जल निकासी, हैंडपंप, स्ट्रीट लाइट जैसे करीब 50 से अधिक विषयों पर शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। ऑनलाइन लिखकर आ जाता है कि आपकी शिकायत का समाधान हो गया, हकीकत में कोई देखने तक नहीं आता है।



सीसी सड़क का हो गया फर्जी निस्तारण
केस-3
सामी गांव निवासी आरिफ खान ने शिकायत दर्ज करवाई थी,कि उनके गांव में सीसी सड़क नहीं है। लेकिन उसकी शिकायत का फर्जी निस्तारण हो गया। जब उसे जानकारी मिली कि शिकायत निस्तारित हो चुकी है। उसने अधिकारियों से जानकारी की। लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
चोरी गया ट्रैक्टर मिला नहीं, पर निदान हो गया

केस-4

कोंच के नया पटेल नगर निवासी सुनील नगाईज का ट्रैक्टर मलंगा पुल के पास से मय ट्रॉली एक मई को चोरी हो गया था। चोरी की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली थी पर कोई सुनवाई नहीं की। 14 मई को मुख्यमंत्री पोर्टल पर ट्रैक्टर चोरी को शिकायत की। लेकिन पोर्टल पर बिना ट्रैक्टर मिले समस्या का निस्तारण कर दिया गया।
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