उरई। वर्ष 2023-24 में पिछड़ी जाति शादी अनुदान योजना के अंतर्गत जिले से कम हो रहे आवेदनों पर शासन ने नाराजगी जताई है।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी सत्यम त्रिपाठी ने बताया कि शादी अनुदान पोर्टल पर 30 नवंबर तक ग्रामीण क्षेत्र में कुल 325 एवं शहरी क्षेत्र में कुल 41 कुल 366 आवेदन पत्र आनलाइन किए गए हैं। जबकि जनपद को 628 लाभार्थियो का लक्ष्य आवंटित किया गया है।
उन्होंने बताया कि नियमावली के अनुसार पिछड़ी जाति शादी अनुदान योजना के लिए आवेदक की आय गरीबी की सीमा के अंतर्गत होनी चाहिए। शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 46,080.रुपये सालाना से अधिक आय नहीं होनी चाहिए। वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन पाने वाले को आय प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं होगी, अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को तहसील द्वारा आनलाइन निर्गत जाति प्रमाणपत्र का क्रमांक ऑनलाइन आवेदन में अंकित करना अनिवार्य होगा।
आवेदन में पुत्री की आयु शादी की तिथि को 18 वर्ष से अधिक तथा वर की आयु 21 वर्ष से अधिक होना अनिवार्य है। पति की मृत्यु के बाद निराश्रित या दिव्यांग आवेदक को वरीयता दी जाएगी। एक परिवार में अधिकतम दो पुत्रियों की शादी के लिए अनुदान मिलेगा।
उन्होंने बताया कि पिछड़ा वर्ग के ऐसे आवेदक जिन्होंने वित्तीय वर्ष 2023-24 में अपनी पुत्री की शादी की है या फिर आगामी माहों में प्रस्तावित है वह विभागीय वेबसाइट पर किसी भी जनसुविधा केंद्र के माध्यम से अपना आवेदन पत्र शादी की तिथि से 90 दिन पूर्व व 90 दिन बाद ऑनलाइन कराकर हार्डकॉपी सत्यापनकर्ता अधिकारी कार्यालय में जमा कर दें। पात्रता के आधार पर 20 हजार रुपये का लाभ दिया जाएगा।